उन्होंने बताया कि आईटी पार्क में दूसरी जनरल हाउसिंग स्कीम के लिए डिजाइन फाइनल किए जा चुके हैं और प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को प्रेजेंटेशन भी दी जा चुकी है। गौरतलब है कि वर्ष 2006 में सीएचबी ने आईटी पार्क में 123 एकड़ जमीन पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड बिल्डर को अलॉट की थी।
किन्हीं कारणों से बिल्डर इस जमीन पर काम शुरू नहीं कर पाया और अपने पैसे वापस मांगने शुरू कर दिए। इसके लिए उसने कोर्ट का रुख किया। वर्ष 2015 में सीएचबी ने बिल्डर को 527 करोड़ रुपये लौटा कर जमीन वापस ले ली। इसी जमीन पर यह लग्जरी फ्लैट्स बनाने की योजना तैयार की गई है।
पंजाब और हरियाणा के विधायकों को भी मिलेंगे आईटी पार्क में फ्लैट्स
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड आईटी पार्क में आठ टावर का निर्माण करने जा रहा है। यह सभी लग्जरी फ्लैट्स वीआईपी लोगों के लिए बनाए जाएंगे। इनमें आईएएस, आईपीएस अधिकारी व नेता भी शामिल होंगे। आईटी पार्क में इन फ्लैट्स को खरीदने के लिए पंजाब-हरियाणा और चंडीगढ़ प्रशासन और पीजीआई के अधिकारी पहले ही इच्छा जता चुके हैं।
मांग के तहत सीएचबी पंजाब सरकार के लिए 3, हरियाणा सरकार के लिए 3 और यूटी प्रशासन अपने लिए दो टावर का निर्माण करेगा। हरियाणा के दो टावर अफसरों के लिए जबकि एक टावर विधायकों के लिए खरीद रहा है। हरियाणा सरकार के इस प्रस्ताव को चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने मंजूर कर लिया है।
इन वीआईपी फ्लैट्स में होंगी सभी आधुनिक सुविधाएं
आईटी पार्क में बनने वाले फ्लैट्स में सभी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। यहां 6.73 एकड़ एरिया में फ्लैट्स का निर्माण करवाना है। एक टॉवर में 28 फ्लैट्स अधिकारियों के लिए होंगे, जबकि 28 ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स दूसरे टॉवर में सर्वेंट क्वाटर होंगे। इस तरह तीनों को एक टॉवर के लिए टैक्स सहित कुल राशि 66 करोड़ रुपये बोर्ड को देनी होगी। यहां पर ईडब्ल्यूएस, टू बेडरूम और थ्री बेडरूम फ्लैट्स शामिल होंगे।
यह सेवन स्टोरी फ्लैट्स होंगे, जिसमें जिम और स्वीमिंग पूल का निर्माण भी करवाया जाएगा। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि डिजाइन तय करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है जोकि अगले 10 दिनों में पूरी हो जाएगी। इसके बाद जैसे ही सरकारों की तरफ से पैसा जमा करा दिया जाएगा, वह इनका निर्माण कार्य भी शुरू करवा देंगे।