चंडीगढ़ में बढ़ रहे वाहनों के दबाव को कम करने के लिए प्रशासन ने पार्किंग पॉलिसी लागू कर दी है। नई पॉलिसी में साइक्लिंग को बढ़ावा देने और कारों का कम इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल ज्यादा लोग करें, इसके लिए भी कई सुझाव दिए गए हैं।
कई कमियों के चलते पार्किंग पॉलिसी करीब तीन साल से अधर में लटकी थी। इसे लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने भी चंडीगढ़ प्रशासन को फटकार लगाई थी। इस पॉलिसी का मकसद शहर में बढ़ती गाड़ियों की संख्या पर लगाम लगाना है।
अब प्रशासन ने इस पॉलिसी को शहर में लागू कर दिया है। इसके तहत अब जिस कंपनी में 50 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं, उन्हें अपने कर्मचारियों के लिए अलग से शटल बस सेवा शुरू करनी होगी। इसमें सरकारी विभाग भी शामिल हैं। पॉलिसी में चंडीगढ़ प्रशासन का भी जिक्र किया गया है।
प्लॉट के बाहर गाड़ी खड़ी करने पर जुर्माना
पार्किंग पॉलिसी के ड्राफ्ट के मुताबिक, शहर में एक कनाल या उससे ऊपर के प्लॉट के बाहर सड़क पर या सड़क के किनारे गाड़ी खड़ी करने पर पाबंदी होगी। ऐसा करने पर वाहन जब्त कर चालान करने का प्रावधान होगा। गाड़ी खरीदते समय लोगों को पार्किंग स्पेस सर्टिफिकेट देना होगा।
वहीं, गाड़ी के पंजीकरण के समय यह प्रमाणपत्र देना जरूरी होगा कि इस गाड़ी को आप कहां खड़ी करेंगे, आपके पास इसे खड़ी करने के लिए जगह है या नहीं। अगर आपके पास गाड़ी खड़ी करने की जगह नहीं होगी तो पंजीकरण भी नहीं होगा।