सुखना लेक पर प्रशासन ने लगाया जागरुकता बोर्ड।
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चंडीगढ़ में लगातार तीसरे दिन भी मृत पक्षियों के मिलने का सिलसिला जारी रहा। शुक्रवार को जांच के दौरान पर्यावरण विभाग की टीम को सेक्टर-35 में एक मृत कबूतर मिला। विभाग ने मृत पक्षी के नमूने लेकर जांच को भेज दिया है। वहीं, प्रशासन अब क्षेत्रीय रोग निदान प्रयोगशाला जालंधर की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है ताकि बर्ड फ्लू को लेकर स्थिति साफ हो सके। सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट सोमवार तक मिल सकती है। इसके बाद ही प्रशासन अगला कदम उठाएगा।
इस बीच बरवाला में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद यूटी प्रशासन के पशुपालन विभाग ने सतर्कता बढ़ाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। बर्ड फ्लू को लेकर शुक्रवार को पूरे दिन पर्यावरण विभाग की तरफ से सर्च अभियान चलाया गया। इस दौरान विभाग को सेक्टर-35 में एक मृत कबूतर मिला। शहर में अब तक एक प्रवासी पक्षी, कौआ, मोर, कोयल समेत 10 पक्षियों की मौत हो चुकी है। पशु चिकित्सा विभाग ने भी शहर के विभिन्न हिस्सों से करीब 250 नमूने जांच के लिए भेजे हैं। इसके अलावा पशुपालन विभाग ने शहर के सभी पोल्ट्री फार्मों को कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
चंडीगढ़ से भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट मिलने में हो सकती है देरी
चंडीगढ़ के उप वन संरक्षक डॉ. अब्दुल कय्यूम ने बताया कि पर्यावरण विभाग की विभिन्न टीमें रोजाना खोज अभियान चला रही हैं। उन्होंने बताया कि आमतौर पर बर्ड फ्लू के नमूने की जांच रिपोर्ट आने में तीन दिन का समय लगता है लेकिन इन दिनों देरी हो सकती है। डॉ. कय्यूम ने बताया कि इसके पीछे बड़ा कारण यह है कि जालंधर में इन दिनों कई राज्यों से नमूने भेजे जा रहे हैं।
कई राज्य ऐसे भी हैं, जहां पहले बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है, इसलिए चंडीगढ़ की रिपोर्ट आने में देरी हो सकती है। गौरतलब है कि देश के कई राज्यों में बर्ड फ्लू के मामलों की पुष्टि हुई है। इसके बाद चंडीगढ़ प्रशासन के वन और वन्यजीव विभाग ने बीते सोमवार को ही अलर्ट जारी कर दिया था। विभाग ने सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। फील्ड के कर्मचारियों से कहा गया है कि यदि वन क्षेत्र में किसी पक्षी की मौत होती है तो उसकी जानकारी तुरंत विभाग को दें। पशुपालन विभाग मुर्गी पालकों पर भी नजर रख रहा है। एक हेल्पलाइन नंबर 0172-2700217 जारी की गई है।