नई फीस पॉलिसी पर प्रशासक ने भी लगाई मुहर
- फोटो : File Photo
चंडीगढ़ के 70 से अधिक प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों की भारी भरकम फीस पर रोक लगाने के लिए यूटी प्रशासन की नई फीस पॉलिसी को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने भी मंजूरी दे दी है। इस संबंध में फाइल शिक्षा विभाग के पास पहुंच गई है। जानकारी अनुसार अब फीस पॉलिसी एक्ट को अंतिम मंजूरी के लिए मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर(एमएचए) के पास भेजा जाएगा।
यूटी की नई फीस पॉलिसी को प्रशासनिक स्तर पर अप्रूवल देने की खबर को अमर उजाला ने ही सबसे पहले 21 फरवरी के अंक में शीर्षक ‘नई फीस पॉलिसी को एडवाइजर ने दी मंजूरी...’ से प्रकाशित किया था। अमर उजाला प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस के खिलाफ लगातार अभियान चलाए हुए है।
सूत्रों के अनुसार यूटी प्रशासन इसी हफ्ते नई फीस पॉलिसी को एमएचए से अप्रूवल के लिए भेजने की तैयारी कर चुका है। गौरतलब है कि यूटी प्रशासन ने पूर्व शिक्षा सचिव सर्वजीत सिंह के द्वारा तैयार की गई फीस पॉलिसी के रद्द होने के बाद पंजाब सरकार की ओर से 2016 में तैयार फीस पॉलिसी एक्ट को ही यूटी में लागू करने का फैसला लिया था। वहीं पंजाब की फीस पॉलिसी में भी एडवाइजर के निर्देश पर कुछ बदलाव किए गए हैं।
पंजाब फीस पॉलिसी की गवर्निंग बॉडी की जगह यूटी ने अपने हिसाब से कमेटी के सदस्यों का चयन किया है। इसमें कमेटी हेड यूटी के एजुकेशन सेक्रेटरी, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन को मेंबर सेक्रेटरी, डिप्टी डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन, जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) एजुकेशन सेक्रेटरी की ओर से नोमिनेट दो सदस्यों और डीएसई की ओर से नोमिनेट एक सदस्य को भी शामिल किया जाएगा।
पेरेंट्स के हित में नहीं नई फीस पॉलिसी : एसोसिएशन
VP singh badnaur
- फोटो : File Photo
केवल स्टूडेंट या अभिभावक ही कर सकेंगे शिकायत
यूटी प्रशासन की नई फीस पॉलिसी के तहत कोई भी प्राइवेट स्कूल अगली क्लास की फीस में आठ फीसदी से अधिक इजाफा नहीं कर सकेगा। फीस से संबंधित प्राइवेट स्कूल के खिलाफ सिर्फ उस स्कूल में पढ़ने वाला स्टूडेंट या उनके अभिभावक भी शिकायत दे सकेंगे। प्राइवेट स्कूलों की ओर से ली गई फीस को किसी सोसायटी या ट्रस्ट में ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा। प्राइवेट स्कूल कैपिटेशन फीस भी चार्ज नहीं कर सकेंगे।
यूटी की नई फीस पॉलिसी को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से मंजूरी मिल गई है। फीस पॉलिसी एक्ट की मंजूरी के लिए अब फाइल को एमएचए के पास भेजा जा रहा है। उम्मीद है कि अप्रैल से पहले नई फीस पॉलिसी को हर हाल में लागू कर दिया जाएगा।
- रुबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन, यूटी
पेरेंट्स के हित में नहीं नई फीस पॉलिसी : एसोसिएशन
वहीं चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन का कहना है कि यूटी में पंजाब के अपेक्षा हरियाणा की फीस पॉलिसी को अडॉप्ट करना ज्यादा बेहतर है। एसोसिएशन प्रेसिडेंट नितिन गोयल ने यूटी प्रशासन की ओर से अपनाई जा रही नई फीस पॉलिसी को लेकर कई सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि फीस पॉलिसी में कई खामियां हैं। यूटी प्रशासन चाहे तो हरियाणा की फीस पॉलिसी को लागू कर ले।
ये है खामियां
- फोटो : फाइल फोटो
ये है खामियां
- प्राइवेट स्कूलों को सीधे तौर पर आठ फीसदी फीस बढ़ाने की छूट मिल जाएगी।
- फीस बढ़ाने के मामले में स्कूल पेरेंट्स से अनुमति नहीं लेंगे।
- शिकायत का अधिकार सिर्फ पेरेंट्स और स्टूडेंट्स को दिया है, ऐसे में कोई भी पेरेंट्स आगे नहीं आएगा।
- स्कूलों को डेवलपमेंट फंड वसूलने की पॉलिसी में छूट दी गई है।
फीस के प्लस प्लाइंट
- नई फीस पॉलिसी में स्कूलों को सालाना ऑडिट रिपोर्ट जमा करनी होगी। जिससे आर्र्थिक मामलों में पारदर्शिता आएगी।
- पॉलिसी में तीन बार शिकायत के बाद पेनल्टी के साथ स्कूल की मान्यता रद्द करने का प्रावधान भी रखा गया है।
यूटी प्रशासन की ओर से पंजाब की फीस पॉलिसी को लागू करना पेरेंट्स के हित में नहीं है। पंजाब की पॉलिसी में कई तरह की त्रुटियां हैं, जिन्हें कोर्ट में चैलेंज करने पर खारिज किया जा सकता है। यूटी को पंजाब की जगह हरियाणा की फीस पॉलिसी को लागू करनी चाहिए, जोकि पंजाब से अधिक प्रभावशाली होगी।
- नितिन गोयल, प्रेसिडेंट चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन