स्टडी टूर विवाद में अब नगर निगम के बड़े अधिकारी भी फंसते नजर आ रहे हैं। मेयर हरफूलचंद्र कल्याण ने सोमवार को अफसरों के खिलाफ एडवाइजर विजय देव को शिकायत भेजी है।
उन्होंने खासकर ज्वाइंट कमिश्नर राजीव गुप्ता को प्वाइंट आउट किया है और कहा कि गुप्ता ने अरेंजमेंट्स और ट्रैवल एजेंसी के सेलेक्शन संबंधी सभी बंदोबस्त किए थे।
उन्होंने शिकायत में कहा है कि अफसरों ने खुद को बचाने के लिए मेयर और पार्षदों पर जिम्मेदारी डाली। उन्होंने टूर की जांच रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए हैं। मेयर ने कहा कि जांच रिपोर्ट में पूरी तरह भाजपा पार्षद अरुण सूद को बचाने की कोशिश की गई है।
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में कहीं भी जिक्र नहीं है कि ट्रैवल एजेंसी अरुण सूद के रिश्तेदारों की थी या उन्होंने ट्रैवल एजेंसी को कोई फायदा पहुंचाने की कोशिश की, जबकि मेयर ने इन्हीं तथ्यों पर जांच के आदेश दिए थे।
बता दें कि स्टडी टूर के लिए पंचकूला की कोनास्थ ई-सर्विस लिमिटेड (जर्नी कुक) को कॉन्ट्रेक्ट दिया गया था, जो सूद के जीजा और भांजे की थी। कॉन्ट्रेक्ट भी बिना ई-टेंडरिंग दिया गया।
मेयर ने दो हफ्ते पहले कमिश्नर को जांच के निर्देश दिए। चार दिन पहले अफसरों ने जांच रिपोर्ट कमिश्नर को सौंप दी थी, जिसमें सूद को क्लीन चिट दी गई और कहा गया कि टूर के अरेंजमेंट मेयर और पार्षदों ने मिलकर किए थे।
मेयर-पार्षदों के पास नहीं है फाइनेंशियल पावर
अपनी शिकायत में मेयर ने कहा कि उनके और पार्षदों के पास स्टडी टूर का कॉन्ट्रेक्ट देने के लिए कोई फाइनेंशियल पावर नहीं है। इसके लिए नगर निगम कमिश्नर ही अथॉरिटी हैं। मेयर ने यह भी कहा कि सेलेक्शन प्रोसेस के बारे में पार्षदों को रूल्स-रेगुलेशंस की भी उचित जानकारी नहीं है।
मेयर ने पकड़े अफसरों के झूठ
-जांच रिपोर्ट में कहा गया कि टूर पर जाने वाले पार्षदों और कुल खर्च की जानकारी मेयर को भेजी गई थी। मेयर ने कहा कि उनके पास कोई जानकारी नहीं पहुंची थी।
-मेयर ने कहा कि उनके पास ट्रैवल एजेंसी के एप्रूवल की भी फाइल भेजी गई। इससे भी मेयर ने इंकार किया है।
-मेयर ने कहा कि उन्होंने 22 दिसंबर को कमिश्नर को लेटर भेजकर स्टडी टूर की डिटेल रिपोर्ट मांगी थी, जो उन्हें अभी तक नहीं मिली है।