चंडीगढ़ वासियों के लिए बेहद जरूरी खबर। नगर निगम ने घर घर से कूड़ा संग्रहण के लिए मासिक शुल्क लेने का प्रस्ताव तैयार किया है। घर-घर से कूड़ा संग्रह करने के बदले में 50 रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक श्रेणी अनुसार शुल्क वसूला जाएगा। शुल्क की राशि लोगों के पानी के बिल एवं प्रॉपर्टी टैक्स के बिल में जोड़कर भेजी जाएगी। नगर निगम की ओर से प्रस्तावित रेट पास करने के लिए 30 मई को सदन की बैठक में प्रस्ताव लाया जा रहा है।
नगर निगम द्वारा रेट तय होने का एक फायदा यह भी है कि अब कूड़ा इकट्ठा करने वाले कर्मचारी अपनी मनमर्जी से शुल्क नहीं बढ़ा पाएंगे। अभी यह व्यवस्था निजी हाथों में हैं। इसके साथ ही अब यह शुल्क हर किसी निवासी से लिया जाएगा चाहे वह कूड़ा अपने घर से देता हो या नहीं। वहीं नगर निगम की ओर से 5 जून से हर घर में दो-दो डस्टबिन निशुल्क दिए जा रहे हैं। नगर निगम के पास इस समय 800 नए कर्मचारी कूड़ा संग्रहण के लिए अपना नाम पंजीकृत करवा चुके हैं।
साल 2012 में पीछे हटना पड़ा था निगम को
साल 2012 ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर खुद ही कूड़ा संग्रह करने की व्यवस्था अपने नियंत्रण में ले ली थी। उस समय व्यवस्था को सिर्फ सेक्टर-22 में ही लागू किया था, लेकिन काम करने वाले निजी कर्मचारियों के विरोध के सामने नगर निगम को झुकना पड़ा जिसके बाद सेक्टर-22 के आवासीय क्षेत्र में फिर से कूड़ा संग्रह करने की जिम्मेदारी उन्हीं कर्मचारियों को दी थी, जबकि सेक्टर-22 के व्यावसायिक क्षेत्र में कूड़ा संग्रहण शुल्क नगर निगम ही चार्ज कर रहा है।