टेंडर प्रक्रिया में लायंस कंपनी नहीं ले सकेगी हिस्सा
निगम इस बार एक कंपनी एक काम का नियम लागू करने जा रहा है। ऐसे में लायंस कंपनी इस टेंडर प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकेगी। उसके पास पहले से ही दक्षिणी सेक्टरों की सफाई का जिम्मा है। इसके लिए निगम लायंस कंपनी को लगभग पौने चार करोड़ रुपये हर माह देता है। इसमें अपनी मंडी की सफाई व्यवस्था को भी जोड़ा गया है। वहीं, सेक्टर-26 स्थित सब्जी मंडी की सफाई का काम भी लायंस कंपनी के पास है।
अलग-अलग कचरा लेने की व्यवस्था गांवों से हुई थी शुरू
सूखा और गीला कचरा अलग-अलग लेने की व्यवस्था सबसे पहले गांवों से ही शुरू हुई थी। इसके लिए निगम ने बोलेरो गाड़ियां खरीदी थीं लेकिन छोटी व संकरी गलियों के चलते गाड़ियां अंदर नहीं जा सकीं। इस कारण रेहड़ी से घरों से कचरा लाकर गाड़ियों में डाला जाने लगा। कई बार इस व्यवस्था को लेकर लोगों ने निगम की कार्य प्रणाली पर सवाल भी खड़े किए।
गांव में सफाई व्यवस्था को मजबूत करना हमारी जिम्मेदारी है। काफी संख्या में नियमित सफाईकर्मी अगले दो सालों में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। सफाई का काम प्रभावित न हो इसलिए अभी से तैयारी कर रहे हैं। - सरबजीत कौर, मेयर।