नगर निगम में हाउस की मीटिंग शुरू होते ही हंगामा हो गया। मामला बढ़ता देख मेयर ने 15 मिनट बाद ही ब्रेक घोषित कर दिया।
हुआ यूं कि मीटिंग शुरू होते ही कांग्रेस पार्षद सतीश कैंथ ने दलित समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बाबा रामदेव के बारे में बोलने ही लगे थे कि विपक्षी पार्षदों ने हंगामा कर दिया। इस पर कैंथ ने सफाई दी कि हमारी
दलित कम्यूनिटी के बारे में कोई बोलेगा तो क्या हम इस पर बहस नहीं कर सकते।
इसपर डिप्टी मेयर देवेश मौदगिल ने कहा कि अगर आपको अपनी दलित कम्यूनिटी की इतनी ही फिक्र है तो पहले शहर में एससी/बीसी के सर्टिफिकेट बनने में आ रही असुविधाओं को तो खत्म कराओ। एससी/बीसी के सर्टिफिकेट नहीं बन रहे हैं। लोकल मुद्दे की परवाह नहीं और आप राष्ट्रीय मुद्दों की बात कर रहे हैं।
उधर, भाजपा पार्षद सौरव जोशी ने मेयर हरफूलचंद पर निगम कानूनों की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूरे हाउस को नहीं पता कि मीटिंग का एजेंडा क्या है। यही कारण है कि हाउस शुरू होते ही राष्ट्रीय मुद्दे पर बहस होने लगती है।