12 फरवरी को होने जा रही नगर निगम की बैठक में इस बार 572 करोड़ 90 लाख रुपये का बजट पेश किया जा रहा है। आगामी वित्तीय वर्ष (साल 2016-17) में इस बजट की 44 प्रतिशत राशि कजौली वाटर वर्क्स के दो नए फेज से शहर में पानी लाने में खर्च की जाएगी।
नगर निगम की वित्त एवं अनुबंध कमेटी ने आगामी वित्त वर्ष के लिए शहर का 1072.48 करोड़ रुपये का बजट पास किया है। इसमें प्लान बजट के लिए 571 करोड़ 90 लाख और नॉन प्लान बजट के लिए 500 करोड़ 58 लाख रुपये पास किए गए हैं।
इस प्रस्तावित बजट को अंतिम मंजूरी 12 फरवरी को होने वाली सदन की बैठक में दी जाएगी । प्लान बजट में 572 करोड़ 90 लाख रुपये में से 250 करोड़ की राशि शहर में पानी लाने के लिए ही रखे गए हैं। मालूम हो कि पंजाब के गमाडा की ओर से जंडपुरा तक पांचवें और छठे फेज तक पाइप डाली जा रही है।
इसके बाद से सेक्टर-39 वाटर वर्क्स तक पाइप डालने का खर्च चंडीगढ़ नगर निगम उठा रहा है जिसके लिए नगर निगम को जमीन का भी अधिग्रहण करना है। इसलिए नगर निगम ने नए सत्र में होने वाले काम के लिए इस पर 250 करोड़ रुपये का बजट रखा है। नगर निगम का दावा है कि इस साल के अंत तक काम पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
40 से 29 एमजीडी पानी ही मिलेगा
दावा किया जा रहा है कि 40 एमजीडी पानी शहर को मिलेगा, जबकि हकीकत यह है कि इससे शहर के हाथ में सिर्फ 29 एमजीडी पानी ही आएगा, बाकी पानी समझौते के तहत मोहाली को 5 और हरियाणा के पंचकूला और चंडीगढ़ को छह एमजीडी पानी चला जाएगा। अभी तक कजौली वाटर वर्क्स से शहर को 58 एमजीडी पानी मिल रहा है जबकि गरमी में पानी की मांग 116 एमजीडी होती है।
कांग्रेस घेरेगी मेयर को
12 फरवरी को मेयर अरुण सूद ने बजट पास करने के लिए विशेष सदन की बैठक बुलाई है। लेकिन कांग्रेस इस बैठक में मेयर को घेरने की तैयारी कर रही है। अभी तक कांग्रेस मेयर के हर कार्यक्रम का भी बहिष्कार कर रही है।
पिछले सदन की बैठक में कांग्रेस ने वित्त एवं अनुबंध कमेटी के चुनाव में मेयर पर धांधली का आरोप लगाते हुए बहिष्कार किया था जबकि 5 फरवरी को हुई अनुबंध कमेटी की बैठक का कांग्रेस सदस्य सुभाष चावला ने वाक आउट किया था। मालूम हो कि 15 साल बाद पहली बार नगर निगम में भाजपा का मेयर बना है।