मनोनीत पार्षद डॉ. शगुफ्ता प्रवीण के बयान के बाद बुधवार को सदन की बैठक में हंगामा हो गया। शगुफ्ता प्रवीण ने कांग्रेस पार्षदों को कहा कि वे पिछले चार साल में अपना मेयर बनवाने के लिए जब उनसे वोट मांगने आते थे, तो उनके पैर भी धोते थे, लेकिन जीतने के बाद मनोनीत पार्षदों के साथ यूज एंड थ्रो वाला व्यवहार करते थे।
वहीं इस पर भड़के कांग्रेस पार्षदों ने डॉ. शगुफ्ता प्रवीण पर यह आरोप लगाते हुए बहिष्कार कर दिया कि शगुफ्ता ने साढ़े चार साल पहले मनोनीत पार्षद बनने के लिए पवन बंसल के पैर धोए थे। कांग्रेस के बहिष्कार के बाद मेयर अरुण सूद ने बैठक टी पार्टी के लिए स्थगित कर दी। कांग्रेस पार्षदों ने फिर से बैठक शुरू होने पर सदन के बाहर यह मांग करते हुए धरना दिया कि मनोनीत पार्षद को बर्खास्त किया जाए।
पहले अरुणा गोयल ने उठाया था हाथ
मालूम हो कि पिछले माह भी मनोनीत पार्षद अरुणा गोयल और कांग्रेस के बीच जमकर हंगामा हुआ था। अरुणा गोयल ने पूर्व मेयर सुभाष चावला की सीट पर आकर थप्पड़ मारने का प्रयास भी किया था।
टकराव का यह है कारण
मनोनीत और कांग्रेस के बीच टकराव का कारण यह है कि चार साल में कांग्रेस 9 मनोनीत के दम पर मेयर की कुर्सी पर कब्जा करती आई है, लेकिन इस साल उन्होंने भाजपा को वोट देकर अरुण सूद को मेयर बनवा दिया, जिस कारण कांग्रेस मनोनीत पार्षदों से नाराज हो गई।
ऐसे गर्माया माहौल
बुधवार को बैठक के शुरूआत में ही माहौल उस समय गरमा गया, जब कांग्रेस पार्षद दर्शन गर्ग ने पिछली बैठक के मिनट्स में पूर्व मेयर सुभाष चावला पर मनोनीत पार्षद द्वारा थप्पड़ मारने के लिए हाथ उठाने की बात शामिल करने की बात की, लेकिन मेयर सदन की गरिमा का हवाला देते हुए यह बात शामिल करने को तैयार नहीं थे, हालांकि बुधवार को मनोनीत पार्षद अरुणा गोयल उपस्थित नहीं हुई, लेकिन मनोनीत पार्षद डॉ. शगुफ्ता प्रवीण ने गोयल का बचाव करते हुए कहा कि वह कोई अनपढ़ नहीं हैं और ऐसे ही उन्होंने कोई हरकत नहीं की इसके पीछे काफी साजिश थी।
मै दोबारा से थप्पड़ नहीं खाना चाहता, इसका जबाव जल्द दूंगा
कांग्रेस ने जब हंगामा किया तो मेयर ने पूर्व मेयर सुभाष चावला को कहा कि क्या वह पिछली घटना को मिनट्स के लिए रिकार्ड करवाना चाहते हैं। इस पर चावला ने कहा कि वह दोबारा थप्पड़ नहीं खाना चाहते। वह दिन उनकी जिदंगी का काला दिन था। उन्होंने कहा कि वह इसका जबाव अगले दिनों में अरुणा गोयल को जरूर देंगे।
अधिकतर मनोनीत पार्षद भाजपा के हाथ में बिक चुके हैं। शगुफ्ता प्रवीण पूर्व सांसद पवन बंसल की मदद से ही मनोनीत पार्षद बनी हैं, जबकि अब वह कांग्रेस के लिए अलोकतांत्रिक भाषा का प्रयोग कर रही हैं, जो बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रदीप छाबड़ा, कांग्रेस अध्यक्ष एवं पार्षद
पैर ही नहीं बल्कि मेयर की वोट मांगने के लिए कांग्रेस पार्षदों ने उनके घर पर चाय बनाने के बाद बर्तन भी धोए हैं। मैं अपनी काबलियत से प्रशासन द्वारा मनोनीत नियुक्त हुई हूं। अगर बंसल ने मनोनीत करवाया है तो वह खुद आकर यह बात कहें या अब कार्यकाल समाप्त हो रहा है फिर से मनोनीत करवाकर दिखाएं।
डॉ. शगुफ्ता प्रवीण, मनोनीत पार्षद