नगर निगम चुनाव के लिए प्रचार शनिवार शाम 5 बजे थम जाएगा। मतदाताओं ने किसे वोट देना है यह मन बना लिया है। ऐसे में शहर के तीन प्रमुख राजनीतिक दलों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। अमर उजाला ने शुक्रवार को तीनों दलों के अध्यक्षों से यह जानने का प्रयास किया कि वो शहर के मतदाताओं के बारे में क्या सोचते है और नोटबंदी जैसे अहम मुद्दे पर उनका क्या कहना है। साथ ही तीनों अध्यक्षों से यह भी पूछा गया कि शहरवासी आपको ही मतदान क्यों करे।
सैंपल अच्छा है तो 5 साल का आर्डर तो मिलना ही चाहिए : संजय टंडन
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन का कहना है कि हमने नगर निगम में 10 माह के कार्यकाल में काम करके दिखाया है। ढ़ाई साल में मोदी सरकार ने जो काम किए हैं वह हमारी रिपोर्ट कार्ड है। अब शहरवासियों से पार्टी को मतदान करके प्रमोशन का प्रमाणपत्र देना है। उन्होंने बताया कि नगर निगम में 10 माह के कार्यकाल में किए गए काम सिर्फ एक सैंपल है।
ऐसे में अगर सैंपल अच्छा है तो 5 साल का आर्डर तो मिलना ही चाहिए। हमने काम किया है और आगे भी करेंगे। नोटबंदी के कारण दिक्कत जरूर आ रही है, लेकिन पीमए मोदी ने 30 दिसंबर तक का समय मांगा है। इसका फायदा पूरे देशवासियों को मिलेगा। चंडीगढ़ के लोग समझदार और पढ़े लिखे है। ऐसे में शहरवासियों में कोई भी नाराजगी नहीं है। पार्टी को अपने दम पर दो तिहाई बहुमत मिलने वाला है।
भाजपा पर भारी पड़ेगी नोटबंदी: प्रदीप छाबड़ा
कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा
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भाजपा पर भारी पड़ेगी नोटबंदी: प्रदीप छाबड़ा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा का कहना है कि नगर निगम में पिछले 13 सालों से कांग्रेस का कब्जा रहा है। इस दौरान कांग्रेस के सभी मेयर और पार्षदों ने चंडीगढ़ का विकास बिना किसी भेदभाव से से किया। हमारी पार्टी के पार्षदों ने लोगों के बीच में रह कर छोटे छोटे काम करवाए हैं। भाजपा के इस साल 10 माह के कार्यकाल में सिर्फ उद्घाटनों के नाम पर पैसे की बर्बादी हो रही है।
जल्दबाजी में लिए गए फैसले शहर के लिए कारगर साबित नहीं हो रहे हैं। छाबड़ा का कहना है कि नोटबंदी इस समय शहर का अहम मुद्दा बन गया है। यह मुद्दा भाजपा पर काफी भारी पड़ने वाला है। इस समय शहर का आम आदमी काफी परेशान है। हर वर्ग में त्राहि त्राहि मची हुई है। छाबड़ा का मानना है कि चुनाव में कांग्रेस 20 से 22 सीटों पर जीतने वाली है।
सिर्फ चुनाव में याद आती है कांग्रेस और भाजपा को : जगीर सिंह
बसपा अध्यक्ष जगीर सिंह का कहना है कि भाजपा और कांग्रेस को कॉलोनियों और गांवों की याद सिर्फ चुनाव के समय ही आती है क्योंकि सबसे ज्यादा मतदान इन एरियों में ही होता है, जबकि शहर में बसपा एक मात्र ऐसी पार्टी है जो गरीब लोगों के लिए ही काम करती है। इस समय शहर में कॉलोनियों और गांवों की हालत बदतर हो गई है। नोटबंदी पर कांग्रेस और भाजपा सिर्फ शहरवासियों से मजाक कर रही है, जबकि हकीकत में उनके नेताओं और कार्यकर्ताओं पर नोटबंदी का कोई असर नहीं है।
उनका कहना है कि चुनाव लड़ रहे 17 उम्मीदवार पढ़े लिखे हैं। नोटबंदी के कारण मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है। व्यापारियों ने अपनी दुकानों और फैक्ट्रियों से कर्मचारियों को निकाल दिया है जो दो हजार रुपये का नोट एटीएम से निकलता है उसके छूट्टे करवाने में ही पसीने छूट जाते हैं। फल और सब्जियां बिना बिक्री के खराब हो रही है। जगीर सिंह का दावा है कि बसपा कम से कम 7 सीट जीतेगी।