घर पर ही गीला और सूखा कचरा अलग न करने वालों के खिलाफ चंडीगढ़ नगर निगम ने चालान काटने का अभियान शुरू कर दिया है। सोमवार को पहले दिन निगम ने 786 लोगों के चालान काटे। चालान की राशि पानी के बिल के साथ जोड़कर भेजी जाएगी। लोगों को चेतावनी दी गई है कि उनके घरों के कूड़े को लगातार जांचा जाएगा और लगातार लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी।
निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने कहा कि लोगों के सहयोग के बिना स्वच्छता अभियान में शहर को पहले पायदान पर लाना संभव नहीं है। जागरूकता के बावजूद लोगों का सहयोग नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि एमआरएफ के साथ-साथ प्रसंस्करण संयंत्र में यह देखा गया है कि गीला कचरा ज्यादा मिल रहा है। उसमें सूखा कचरा कम है जो खाद बनाने की प्रक्रिया पर प्रभाव डालता है इसलिए यह निर्णय लिया गया है कि इसे सुनिश्चित करने के लिए चालान किए जाएं ताकि लोग अपने सूखे व गीले कचरे को ठीक से अलग करना शुरू कर दें। अभियान के दौरान प्रत्येक घर के कचरे की जांच की जाएगी। साथ ही, डोर टू डोर कूड़ा उठाने वालों के प्रदर्शन को भी इसमें जोड़ा जाएगा।
रंगों के हिसाब से बना लें कूड़ेदान
गीले कचरे को हरे और सूखे कचरे को नीले कूड़ेदान में लोगों को डालना है। खतरनाक कचरे के लिए एक काले रंग का कूड़ादान और सैनिटरी कचरे के लिए एक लाल कूड़ादान लगाना होगा। ऐसा करने से लोगों को अलग-अलग कूड़ा डालने की आदत होगी और घरों से कूड़ा लेने आने वाली गाड़ी को भी अलग-अलग कूड़ा देने में आसानी होगी।