स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में नगर निगम का कोई रोल न होने का मामला बुधवार को सदन की बैठक में गरमाएगा। इसके अलावा विवेक हाई स्कूल के लिए ग्रीन बेल्ट को पार्किंग में तबदील करने के मामले पर कांग्रेस ने सदन के अंदर और बाहर मेयर को घेरने की रणनीति बनाई है। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर मेयर से सवाल जवाब करेगी।
पूर्व मेयर एवं कांग्रेस पार्षद दल के नेता सुभाष चावला का कहना है कि पिछले साल तक जितने मेयर रहे हैं, उनका यही प्रयास रहा है कि नगर निगम को ज्यादा से ज्यादा अधिकार मिले। लेकिन यह पहली बार हुआ है कि भाजपा के मेयर अरुण सूद के कार्यकाल में नगर निगम को नए अधिकार मिलने की बजाय पहले से जो अधिकार मिले हैं, वह भी वापस लिए जा रहे हैं।
निगम के जो बड़े काम हैं, उसमें से अधिकतर वापस लेकर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए गठित कंपनी को दिए जा रहे हैं। ऐसे में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में नगर निगम का कोई रोल नहीं रहेगा। किसी अधिकारी, मेयर, पार्षद और जनप्रतिनिधियों का स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। कांग्रेस पार्षद सुभाष चावला का कहना है कि मेयर से इस पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा जाएगा।
निगम से छिन जाएंगे ये काम
MC House Meeting
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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में 24 घंटे पानी की सप्लाई, स्ट्रीट लाइट्स, 24 घंटे बिजली सप्लाई, ट्रीटमेंट प्लांट को अपग्रेड करने जैसे अहम कार्य स्मार्ट सिटी चंडीगढ़ लिमिटेड (एसपीवी स्पेशल पर्पज व्हीकल) को दिया जाएगा।
सेक्टर-17 प्लाजा का विकास भी नए सिरे यह कंपनी ही करेगी, जबकि अब तक प्लाजा के विकास का जिम्मा निगम के पास ही था। जबकि आगामी कुछ दिनों में निगम के बाकी अहम कार्य भी कंपनी को दिए जा सकते हैं। इस कंपनी के सीईओ नगर निगम के कमिश्नर ही हैं।
सेक्टर-20 का सामुदायिक केंद्र भी टूटेगा
निगम ने सेक्टर-20 के सामुदायिक केंद्र को तोड़कर उसे नए सिरे से बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। यह प्रस्ताव सदन की बैठक में पास होने के लिए आ रहा है। वार्ड पार्षद राजेश गुप्ता इस कम्यूनिटी सेंटर को तोड़कर नए सिरे से बनवाने की मांग लंबे समय से कर रहे थे।
कांग्रेस करेगी नगर निगम का घेराव
नगर निगम की हंगामेदार बैठक
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बुधवार को सदन की बैठक में जहां कांग्रेस पार्षद हंगामा करेंगे, वहीं नगर निगम के बाहर कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता सेेक्टर-38 में विवेक हाई स्कूल के लिए ग्रीन बेल्ट को पार्किंग में तबदील करने की मंजूरी देने के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
ऐसे में नगर निगम के बाहर तनाव का माहौल बनने की उम्मीद है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मेयर अरुण सूद के बच्चे भी इसी स्कूल में पढ़ते हैं, जबकि मेयर का कहना है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए एसपीवी स्पेशल पर्पज व्हीकल बनाना गलत नहीं है, लेकिन इसमें सांसद और मेयर को भी शामिल करना चाहिए था। इसके अलावा शहरी विकास और वाटर मैनेजमेंट से जुड़े दो विशेषज्ञ भी शामिल होने चाहिए, जो सरकारी अधिकारी न हों। जनप्रतिनिधि लोगों की भावनाओं को जानते हैं, इसलिए सांसद और मेयर को इग्नोर नहीं करना चाहिए। इसके अलावा निगम के किसी पार्षद को भी शामिल किया जा सकता था। इससे पारदर्शिता आती है और लोगों के हित में बढ़िया सुझाव आते हैं। स्मार्ट सिटी का कांसेप्ट काफी बढ़ा है। - पवन बंसल, पूर्व रेल मंत्री।