इस आधार पर 1176 करोड़ का बजट तैयार किया गया है। हमने रिपोर्ट प्रशासन को भेजी थी, प्रशासन ने यह रिपोर्ट केंद्र को भेज दी है। उम्मीद है वहां से जल्द स्वीकृति मिल जाएगी। 971 करोड़ तो निगम ने अपना रेवेन्यू दिखा दिया लेकिन बड़ा सवाल यह है कि 657 करोड़ रुपये निगम कहां से लाएगा।
वित्तीय वर्ष 2019-20 में आया रेवेन्यू (करोड़ में)
- मद रेवेन्यू निगम का भाग
- जीएसटी 1425.44 427
- स्टांप और रजिस्ट्रेशन 245.66 245.66
- स्टेट एक्साइज 645.25 193.58
- सेल्स टैक्स 449.90 134.97
- गाड़ियों पर टैक्स 171.23 171.23
- सामान व सवारियों पर टैक्स 12.10 3.03
- इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी 26 26
- कुल 2975.88 1176.09
पिछले साल भी मांगे थे 1349 करोड़, मिले 425 करोड़
निगम ने पिछले साल 1349 करोड़ का बजट तैयार किया था। हालांकि, प्रशासन से 425 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। बाद में कोरोना के कारण 20 प्रतिशत बजट में कटौती भी की गई लेकिन निगम के अनुरोध पर पूरा बजट देने का फैसला किया गया। निगम की वित्तीय हालत को देखते हुए प्रशासन ने 75 करोड़ रुपये और स्वीकृत कर दिए। इस तरह निगम को पिछले वित्तीय वर्ष में कुल 500 करोड़ रुपये मिले।
निगम का व्यय
- बिल्डिंग व रोड - 80 करोड़
- सिविक कार्य - 43 करोड़
- पेयजल आपूर्ति - 55 करोड़
- सीवरेज - 27 करोड़
- स्टॉर्म वाटर लाइन - 8 करोड़
- इलेक्ट्रिसिटी - 6 करोड़
- बागवानी - 15 करोड़
- व्यावसायिक भवन - 23 करोड़
- गांव - 47.25 करोड़
- ईडब्ल्यूएस कॉलोनी - 18.50 करोड़
- माइनर इरिगेशन- 10.25 करोड़
- एमओएच - 24.90 करोड़
- अग्निशमन विभाग - 9.40 करोड़
- ट्रांसपोर्ट- 31 करोड़
- वार्ड डेवलपमेंट फंड - 23.60 करोड़
- स्वच्छ भारत मिशन - 4 करोड़
- आवासीय भवन - 7 करोड़
- प्राथमिक चिकित्सा - 80 लाख
- सहज सफाई केंद्र -400 करोड़