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एमसी चुनाव: पहले जिसके नूर थे, अब खिलाफ ठोक रहे हैं ताल

Sat, 10 Dec 2016 11:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Municipal Corporation office Chandigarh - फोटो : File Photo
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इस बार के नगर निगम चुनाव में कुछ नेता ऐसे भी हैं जो कि पिछले चुनाव में जिस दल के लिए काम करते थे लेकिन आज उसी के उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। जबकि ऐसे भी नेता है जो बगावत करके निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ कर अपनी पार्टी के प्रत्याशी के खिलाफ ताल ठोक रहे हैं।
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वार्ड नंबर-2 से भाजपा उम्मीदवार राज बाला मलिक साल 2011 में कांग्रेस के टिकट पर वार्ड नंबर-1 से प्रत्याशी थीं। लेकिन हरियाणा विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा में शामिल हो गईं। उनके खिलाफ  कांग्रेस ने दीपा असधीर दूबे को उतारा है। वह डेढ़ माह पहले तक वह भाजपा में थीं। दीप दूबे वार्ड नंबर-2 से टिकट की दावेदार थीं।

 वार्ड नंबर-11 से चुनाव लड़ रहे भाजपा उम्मीदवार सतीश कैंथ ने साल 2011 का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर वार्ड नंबर-20 से लड़ा था। उस समय उन्होंने भाजपा के उम्मीदवार को हराया था। लेकिन डेढ़ साल पहले वह भाजपा में शामिल हो गए। उनके मुकाबले कांग्रेस से गुरमीत सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। इस वार्ड से वर्तमान पार्षद दर्शन गर्ग सीट रिजर्व होने के कारण चुनाव नहीं लड़ पाए। दर्शन गर्ग की सतीश कैंथ के साथ काफी गाढ़ी दोस्ती रही है। लेकिन अब चुनाव में वे एक दूसरे के खिलाफ  प्रचार कर रहे हैं। इस सीट से ही कांग्रेस से टिकट न मिलने पर मंजीत चौहान अब निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।
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मां भाजपा में बेटा कांग्रेस में

नगर निगम, चंडीगढ़ - फोटो : demo pics
टिकट नहीं ली फिर भी कांग्रेस के खिलाफ कर रहे है काम
वार्ड नंबर-6 से वर्तमान पार्षद सतप्रकाश अग्रवाल ने साल 2011 का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था, लेकिन वह तीन साल बाद हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान  भाजपा में शामिल हो गए। लेकिन वे चुनाव नहीं लड़ रहे हैं लेकिन भाजपा उम्मीदवारों को जितवाने के लिए कांग्रेस के खिलाफ काम कर रहे हैं।

मां भाजपा में बेटा कांग्रेस में
वार्ड नंबर-14 से कांग्रेस के उम्मीदवार करनवीर राणा हैं। उनकी मां वर्तमान पार्षद कश्मीरी देवी राणा भाजपा में हैं। हालाकि कश्मीरी देवी राणा ने भी पिछला चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था। लेकिन कश्मीरी देवी अपने बड़े बेटे विजय राणा के साथ बाद में भाजपा में शामिल हो गईं। यहां से भाजपा उम्मीदवार कंवरजीत सिंह है।

टिकट न मिलने पर भाजपा में शामिल हुए
कांग्रेस के प्रवक्ता रहे ओपी वर्मा को जब वार्ड नंबर-16 से टिकट न मिली तो वह भाजपा में शामिल हो गए। ऐसे में अब वह कांग्रेस के खिलाफ प्रचार कर रहे हैं जबकि पिछले चुनाव में वह कांग्रेस के लिए प्रचार कर रहे थे। इसी तरह से कांग्रेस से टिकट न मिलने पर नाराज  राकेश मौली मौलीजागरा और हरजीत सिंह नागरा मनीमाजरा से चुनाव लड़ रहे हैं।  बापूधाम से भाजपा से टिकट न मिलने पर दलीप शर्मा निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर किसमत अजमा रहे हैं।
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एक पार्षद की होगी छुट्टी

- फोटो : फाइल फोटो
एक पार्षद की होगी छुट्टी
वार्ड नंबर-16 में कांग्रेस और भाजपा दोनों के उम्मीदवार पार्षद हैं। दोनो ही अपनी अपनी पार्टी के दिग्गज नेता हैं। भाजपा की ओर से राजेश गुप्ता और कांग्रेस की ओर से पूर्व मेयर सुभाष चावला उम्मीदवार हैं। यह दोनो ही नगर निगम के पार्षद हैं। अब इनमें से कोई एक ही नगर निगम में जीत कर पहुंचेगा।

महिला विंग के अध्यक्षों में लड़ाई
वार्ड नंबर-4 से कांग्रेस और भाजपा दोनों के महिला विंग की अध्यक्ष चुनाव मैदान में आमने सामने हैं। कांग्रेस की ओर से पूर्व मेयर पूनम शर्मा और भाजपा की ओर से सुनीता धवन चुनाव लड़ रही है। पूनम शर्मा इससे पहले भी वार्ड नंबर-4 से चुनाव लड़ चुकी हैं।
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