फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीमा आजाद पर भड़की सांसद खेर, बोलीं- कायर हैं, लीडर हैं तो मुझसे डीबेट करें

Mon, 06 Mar 2017 09:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
सांसद ने वाद विवाद करने की दी खुली चुनौती - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
सांसद किरण खेर ने एक्टिविस्ट सीमा आजाद को ओपन चैलेंज दिया है कि वह पंजाब विश्वविद्यालय में बहुरूपिया बनकर घुसने की बजाय उनके साथ किसी भी विषय पर वाद विवाद कर लें। सीमा आजाद जिस भी फ्रंट पर उन्हें बुलाएंगी, वह जाने को तैयार हैं। सीमा आजाद निडर हैं, लेकिन अगर लीडर होतीं तो वह पीयू में रुकतीं। ऐसे लोग कायर होते हैं। 
विज्ञापन


यह बात सांसद किरण खेर ने से सेक्टर-31सी और डीके जेपनीज गार्डन में 101 फुट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज के उद्घाटन समारोह में कही। ऐसे लोग युवा पीढ़ी का दुरुप्रयोग करके सिर्फ अपनी घटिया राजनीतिक कर रहे हैं। देश को बांटने का प्रयास न किया जाए। भारत एक था और एक  ही रहेगा। भारत के टुकड़े नहीं होने दिए जाएंगे।

सांसद किरण खेर ने कहा कि कश्मीर में मासूम युवाओं के हाथ में पत्थर थमाकर लोग अपनी घटिया राजनीति को पूरा नहीं कर सकते। विश्वविद्यालय कैंपस प्रयोगों की स्थली है, यहां पर घटिया राजनीति की जरूरत नहीं है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

'यूनिवर्सिटी कैंपस में घटिया राजनीति की जरूरत नहीं'

सांसद ने वाद विवाद करने की दी खुली चुनौती - फोटो : अमर उजाला
सांसद किरण खेर ने कहा कि बिहार चुनाव से पहले कुछ असामाजिक और शरारती तत्वों ने असहिष्णुता का मामला उछाल दिया था और अब यूपी चुनाव के समय राष्ट्रवाद का मामला उछाल दिया गया है। राष्ट्रीय ध्वज के उद्घाटन पर कहा कि वह खुद सैनिक के परिवार से हैं। 

वार्ड पार्षद देवेश मोदगिल ने यहां पर ध्वज बनवाकर काफी अच्छा काम किया है। वह चाहती थीं कि शहर में कहीं पर राष्ट्रीय ध्वज लगे और आज यह सपना पूरा हो गया है। यह उनका तीन साल का प्रयास है जिस पर 20 लाख रुपये का खर्चा आया है। इस मौके पर मेयर आशा जसवाल, डिप्टी मेयर अनिल दूबे, चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा सहित कई पार्षद भी मौजूद थे।

एसएफएस का जवाब
एसएफएस के अध्यक्ष दमन का कहना है कि पहले सीमा आजाद को अपनी बात रखने का मौका तो दिया जाए । क्योंकि उनके खिलाफ ऐसा माहौल बना दिया गया कि वह अपनी बात भी नहीं रख पा रही हैं। डिबेट तो बाद की बात है। अभी तो उनको बोलने ही नहीं दिया जा रहा है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें