भाजपाइयों को रिश्तेदारी निभानी नहीं आती। यह कहना है चंडीगढ़ की मेयर पूनम शर्मा का। उन्होंने कहा कि शहर की मेयर होने के साथ-साथ मैं एक भाभी भी हूं। सेक्टर-24 के सरकारी आवास को रिश्तेदार के शादी समारोह के लिए देने के आरोप में मेयर पूनम शर्मा ने रविवार को कोरिया से लौटने के बाद भाजपा पर भड़ास निकाली।
उन्होंने कहा कि मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है। उनके पति की कजन बहन के बेटे की शादी थी। ऐसे में मामा-मामी होने के नाते उनके रिश्तेदार शादी के लिए निमंत्रण देने आए थे। उन्होंने रिश्तेदारों के स्वागत के लिए आवास में समारोह रखा था। उन्होंने सभी नियम चेक कर लिए हैं। जिसके तहत वह सरकारी मकान पर निजी समारोह कर सकती हैं।
उनका कहना है कि भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं है। भाजपा को इस मुद्दे पर ओपन डिबेट के लिए चैंलेज करती हूं। जिसके तहत वह अपनी इच्छा से किसी भी मैदान में अपना शक्ति प्रदर्शन कर लें। मेयर का कहना है कि वह इस डिबेट में अकेली आएंगी और जो भी उनसे सवाल पूछेगा उसका मुंहतोड़ जवाब भी दूंगी। लेकिन वह इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होने देंगी।
उनका कहना है कि इसके साथ-साथ वह इस मुद्दे पर चर्चा के लिए बिना खर्च विशेष सदन की बैठक भी बुलाने को तैयार हैं। जिसमें सुबह से शाम तक भाजपा इस मुद्दे पर चर्चा करे। लेकिन विकास के प्रस्तावों को पास करने के लिए बुलाई बैठक में भाजपा को इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करने दूंगी।