पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर मंगलवार को चंडीगढ़ के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव होंगे। सीधा मुकाबला कांग्रेस-आम आदमी पार्टी के गठबंधन और भाजपा के बीच है। गठबंधन के पास जीत के आंकड़े हैं लेकिन भाजपा का दावा है कि मेयर वो बनाएंगे। पिछली बार हुए हंगामे को देखते हुए निगम के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कार्यालय के आसपास जाने पर रोक रहेगी। पहली बार सदन की गैलरी में भी अधिकारी व मीडिया को मंजूरी नहीं होगी। मनोनीत पार्षदों को मंजूरी होगी या नहीं, इस पर भी संशय है।
वोट डालने के लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के सभी पार्षद रोपड़ से सीधे नगर निगम पहुंचेंगे। भाजपा को हराने के लिए पहली बार आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने एक साथ आने का फैसला किया है। गठबंधन के मेयर पद के उम्मीदवार कुलदीप टीटा हैं तो भाजपा ने मनोज सोनकर को मैदान में उतारा है।
मेयर के साथ सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का भी चुनाव होगा। चुनाव के लिए नगर निगम ने सोमवार को मिनट-टू-मिनट शेड्यूल जारी कर दिया। सुबह 10:00 तक सभी पार्षदों को अपनी-अपनी सीट पर बैठना होगा। इसके बाद 10:02 पर नगर निगम की संयुक्त आयुक्त चुनाव के पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह को आमंत्रित करेंगे और फिर उनकी निगरानी में मेयर चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी।
सबसे पहले राष्ट्रगान गाया जाएगा। उसके बाद पीठासीन अधिकारी के आदेश पर मेयर चुनाव के लिए मतदान होंगे। सभी 35 पार्षद और सांसद किरण खेर चुनाव के लिए बारी-बारी से वोट करेंगे। मतदान बैलेट पेपर के माध्यम से होगा। जो भी मेयर बनेगा, उसे संयुक्त आयुक्त द्वारा मेयर की सीट पर बिठाया जाएगा और इसके बाद वह सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कराएंगे।
जीत का जादुई आंकड़ा 19, गठबंधन के पास 20 वोट मौजूद
मेयर चुनाव में जीत का जादुई आंकड़ा 19 है। वर्तमान में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को मिलाकर गठबंधन के पास कुल 20 वोट हैं। भाजपा के पास सांसद किरण खेर का वोट मिलाकर कुल 15 वोट हैं। मंगलवार को अगर कोई उलटफेर नहीं हुआ तो गठबंधन का मेयर बनना तय है। चुनाव की घोषणा के बाद से ही आम आदमी पार्टी के पार्षद रोपड़ के कीकर रिजॉर्ट में हैं। कांग्रेस के पार्षद भी बाहर हैं। कोई भी अपने पार्षदों को टूटने नहीं देना चाहता इसलिए चुनाव के लिए सभी पुलिस सुरक्षा में सीधे नगर निगम पहुंचेंगे।
18 जनवरी को बीमार हो गए थे पीठासीन अधिकारी, इस बार भी वही कराएंगे चुनाव
नगर निगम में मंगलवार को मेयर के अलावा सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर पद के उम्मीदवारों के लिए चुनाव होगा। भाजपा ने सीनियर डिप्टी मेयर के पद पर कुलजीत सिंह संधू और डिप्टी मेयर के पद पर राजेंद्र शर्मा को उतारा है, जबकि गठबंधन ने सीनियर डिप्टी में पद पर कांग्रेस के गुरप्रीत सिंह गाबी और डिप्टी मेयर के पद पर कांग्रेस की निर्मला देवी को अपना प्रत्याशी बनाया है। चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारी मनोनीत पार्षद अनिल मसीह को बनाया गया है। 18 जनवरी को सुबह अचानक वह बीमार हो गए थे, जिसकी वजह से चुनाव रद्द हो गए थे। मंगलवार को भी वही चुनाव कराएंगे। लगभग दो से ढाई घंटे के अंदर चुनाव परिणाम आ जाएंगे। डीसी भी मौजूद रहेंगे। मेयर चुने जाने के बाद वह वापस चले जाएंगे। उसके बाद नवनियुक्त मेयर सीनियर डिप्टी मेयर का चुनाव कराया जाएगा।
क्रॉस और डैमेज वोट बिगाड़ सकते हैं खेल
गठबंधन की सबसे बड़ी चुनौती क्रॉस वोटिंग को रोकना रहेगा। भाजपा के पास 15 वोट हैं। भाजपा की नजर गठबंधन के पार्षदों की वोट क्रॉस कराने पर है। गठबंधन के तीन पार्षदों ने अगर वोट क्रॉस किया तो खेल बिगड़ सकता है। इसके अलावा वोट डैमेज घोषित होने से भी चुनाव के नतीजों पर प्रभाव पड़ता है। डैमेज वोट की गिनती नहीं की जाती और उसे इनवैलिड (अयोग्य) करार दे दिया जाता है। क्रॉस वोटिंग और डैमेज वोट जैसे कारणों से पर्याप्त बहुमत नहीं होने के बावजूद भाजपा कई बार बाजी मार चुकी है।
नोटा का विकल्प नहीं तो करूंगा वॉकआउटः हरदीप सिंह
अकाली दल के पार्षद हरदीप सिंह ने कहा कि उन्होंने कुछ दिन पहले डीसी से मिलकर मेयर चुनाव में भी नोटा का विकल्प देने की मांग की थी। वह मंगलवार को मेयर चुनाव में हिस्सा लेंगे और अगर मतदान के दौरान उन्हें नोटा का विकल्प नहीं मिला को वह सदन से वॉकआउट करेंगे।
कुलदीप और मनोज के बीच होगा मुकाबला
पार्टी मेयर सीनियर डिप्टी मेयर डिप्टी मेयर
गठबंधन (आप+कांग्रेस) कुलदीप टीटा गुरप्रीत सिंह गाबी निर्मला देवी
भाजपा मनोज सोनकर कुलजीत सिंह संधू राजिंदर शर्मा
वर्तमान में वोट का गणित
- गठबंधन (आम आदमी पार्टी+कांग्रेस): 20 (13+7)
- भाजपाः 14 पार्षद + एक सांसद
- अकाली दलः 1