पहली परीक्षा में इंडिया गठबंधन फेल हो गया है। चंडीगढ़ मेयर चुनाव में भाजपा ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन को हरा दिया है।
16 वोटों के साथ भाजपा के मनोज सोनकर मेयर चुने गए, जबकि गठबंधन के कुलदीप कुमार को 12 वोट मिले। निगम के इतिहास में पहली बार विपक्ष के आठ वोट अयोग्य करार दे दिए गए। इस पर सदन में खूब हंगामा हुआ। पीठासीन अधिकारी पर वोटों के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगा है। आप ने अब पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया है। बुधवार को सुनवाई होगी।
मेयर चुनाव को लेकर मंगलवार को निगम कार्यालय को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। पुलिस के साथ स्पेशल फोर्स और आईटीबीपी के जवान भी तैनात रहे। वोटिंग सुबह 10:00 बजे से होनी थी। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के सभी पार्षद करीब 10:00 बजे तक सदन के अंदर पहुंच गए लेकिन भाजपा के सभी पार्षद और पीठासीन अधिकारी करीब आधा घंटा लेट पहुंचे। इसकी वजह से मेयर पद के लिए वोट 11 बजे के बाद पड़ने शुरू हुए।
सदन में पहली बार हुआ कि 15 से 20 मार्शल सदन के अंदर खड़े रहे। डीसी विनय प्रताप सिंह और संयुक्त आयुक्त ईशा कंबोज ने पार्षदों को चुनाव की प्रक्रिया समझाई और डेमो भी करके दिखाया। इसके बाद 11.13 मिनट पर वोटिंग शुरू हुई। पहला वोट शहर की सांसद किरण खेर ने डाला। इसके बाद वार्ड के अनुसार कुल 35 वोट डाले गए।
अब तक सब कुछ शांतिपूर्ण तरीके से हुआ लेकिन मतदान के बाद अचानक पीठासीन अधिकारी ने पोलिंग एजेंट के सामने मतगणना करने से इंकार कर दिया। इस पर कांग्रेस की पार्षद गुरबख्श रावत और आप के योगेश ढींगरा ने सवाल उठाया लेकिन उनकी नहीं सुनी गई।
हंगामा करते रह गए गठबंधन के पार्षद
पीठासीन अधिकारी ने एक-एक करके वोटों की गिनती की और भाजपा और गठबंधन के वोटों को अलग-अलग किया गया। वोटों की गिनती से पहले पीठासीन अधिकारी ने सभी वोटों पर साइन किए। असली हंगामा इसी दौरान शुरू हुआ।
कांग्रेस और आप का आरोप है कि इसी दौरान अनिल मसीह ने आठ बैलेट पेपरों पर पेन से निशान लगा दिया और खुद ही उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया। आप और कांग्रेस के पार्षदों ने विरोध किया और कहा कि छेड़छाड़ की जा रही है लेकिन आरोप है कि उनके माइक बंद कर दिए गए।
भाजपा के कुछ पार्षद अपने माइक से जोर-जोर से गठबंधन पर आरोप लगाने लगे। इस शोर में गठबंधन के पार्षदों की आवाज दब गई। आरोप है कि गैलरी में मौजूद कैमरामैन को भी इशारा किया गया कि वो कैमरा बंद करे लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इस सब हंगामे के बीच पीठासीन अधिकारी एक-एक करके बैलेट पेपर पर साइन करते रहे और थोड़ी देर बाद आठ वोटों को अयोग्य करार देते हुए भाजपा के मनोज सोनकर को मेयर घोषित कर दिया।
बैलेट पेपरों की हुई छीना झपटी, कुछ के फटने का अंदेशा
पीठासीन अधिकारी ने जैसे ही मेयर की घोषणा की, मनोनीत पार्षद सतिंदर सिद्धू तुरंत मनोज सोनकर को खींचकर लाए और मेयर की कुर्सी पर बिठा दिया। एक-एक करके भाजपा के पार्षद उनके पास पहुंचने लगे। इस बीच अनिल मसीह ने अयोग्य करार दिए बैलेट पेपर हाथ में उठा लिए। उधर, कांग्रेस और आप के पार्षद भी मेयर की कुर्सी की तरफ भागे और बगल में पड़े कुछ बैलेट पेपर को उठा लिया। भाजपा के पार्षदों ने छीनने की कोशिश की। पेपरों की छीना झपटी हुई और अनिल मसीह पीछे के रास्ते से मेयर के दफ्तर के अंदर भाग गए। भाजपा आरोप लगा रही है कि गठबंधन के पार्षदों ने छीना झपटी करके बैलेट पेपर को फाड़ने की कोशिश की है।
इतिहास में कभी आठ वोट नहीं हुए अयोग्य
मेयर चुनाव के बाद गठबंधन के सभी पार्षदों ने बहिष्कार कर दिया और सदन से बाहर निकल गए। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के कई पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर निगम के इतिहास में कभी भी 8 वोट आयोग करार नहीं दिए गए हैं। भाजपा का एक भी वोट अयोग्य नहीं हुआ, जबकि गठबंधन के 8 वोट अयोग्य करार दे दिए गए। ऐसा कैसे हो सकता है। दोनों पार्टियों के नेताओं ने वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि अनिल मसीह ने बैलट पेपर पर साइन करते हुए आठ वोटों पर पेन से निशान लगाया है। इसके वीडियो सबूत है, जो वह अदालत को दिखाएंगे।
भाजपा के खाते में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर
भाजपा ने मंगलवार को सिर्फ मेयर ही नहीं, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में भी बाजी मार ली है। हंगामे के बाद आप और कांग्रेस के पार्षदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। मेयर चुने जाने के बाद मनोज सोनकर पीठासीन अधिकारी की कुर्सी पर बैठे और सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव कराए। विपक्ष की गैरमौजूदगी में इन दोनों पदों पर भी भाजपा जीत गई। सीनियर डिप्टी मेयर कुलजीत संधू और डिप्टी मेयर राजिंदर शर्मा बने हैं। दोनों को 16-16 वोट मिले हैं।
आरोप लगाना विपक्ष का काम है। चुनाव में कुछ गलत नहीं हुआ है। कैमरे में सब कुछ रिकॉर्ड हुआ है। गठबंधन को हार बर्दाश्त नहीं हुई तो हम पर आरोप लगा रहे हैं। बिल्कुल निष्पक्ष तरीके से चुनाव हुए हैं। शहर में भाजपा ने काफी विकास कराए हैं। अब उनकी प्राथमिकता शहर के विकास को आगे ले जाना है, जिसे वो पूरा करने की कोशिश करेंगे।
- मनोज सोनकर, नवनियुक्त मेयर