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चंडीगढ़ को आज मिलेगा मेयर, पांच पार्षदों वाली कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग के चमत्कार की उम्मीद

Fri, 08 Jan 2021 10:13 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ में मेयर पद के लिए पर्चा भरते कांग्रेस के देवेंद्र बबला और अन्य उम्मीदवार। - फोटो : फाइल फोटो
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आज दोपहर तक चंडीगढ़ का मेयर चुन लिया जाएगा। मेयर चुनाव में कांग्रेस हर जोर आजमाने की तैयारी में है। भले ही उसके खाते में पांच पार्षद हैं, लेकिन पार्टी का आत्मविश्वास शिखर पर है। दरअसल, पार्टी के पास खोने के लिए कुछ नहीं है। वह यह भी मानकर चल रही है कि उलटफेर की ज्यादा संभावना नहीं है।

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भाजपा के एक-दो पार्षद भी क्रास वोटिंग कर लेते हैं तो कांग्रेस के पास चुनावी साल में एक मुद्दा आ सकता है। मेयर पद के लिए भाजपा के रविकांत शर्मा और कांग्रेस के देवेंद्र सिंह बबला के बीच मुकाबला है। गुरुवार को पूरे दिन कांग्रेस के नेताओं की बैठकें चलती रहीं। पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल शहर के नेताओं से पल-पल की जानकारी लेते रहे।
 

पूर्व मेयर और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुभाष चावला का कहना है कि भाजपा के पास सांसद सहित 21 पार्षद हैं और कांग्रेस के पास मात्र पांच। फिर भी भाजपा में भगदड़ की स्थिति मची हुई है। भाजपा में बैठकों का दौर, डिनर और लंच बैठकें चल रही हैं। मीडिया में विजयी चिह्न के साथ फोटो सेशन हो रहा है, जबकि कांग्रेस नामांकन के बाद शांत बैठी है। चावला का कहना है कि उनकी पार्टी पार्षदों को तोड़ने में विश्वास में नहीं रखती लेकिन यदि नाराज होकर कांग्रेस प्रत्याशी को कांग्रेस को वोट कर दें तो उनका स्वागत है। कांग्रेस किसी भी भाजपा पार्षद संपर्क नहीं किया।
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21 साल पहले हो गया था उलटफेर
साल 2000 में ऐसी एक स्थिति बनी थी। जब कांग्रेस के पास पांच पार्षद थे लेकिन मेयर उनका बन गया था। उस समय कांग्रेस के राजकुमार गोयल मेयर बने थे। उस दौरान कुल 20 पार्षद निर्वाचित थे। इसमें कांग्रेस के पांच पार्षद, भाजपा के दस, अकाली दल का एक और चंडीगढ़ विकास मंच के चार पार्षद थे। चुनाव से पहले किसी को उम्मीद नहीं थी कि मेयर कांग्र्रेस का बनेगा। जब वोटों की गिनती हुई तो पता चला कि कांग्रेस को 16 वोट मिले और जबकि भाजपा को 13 वोट।

अकाली दल करेगा चुनाव का बहिष्कार
शिअद चंडीगढ़ के प्रधान और पार्षद हरदीप सिंह का कहना है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों तरफ से अपने अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की गई है लेकिन हमने मांग रखी है कि तीनों कृषि कानून वापस ले लो फिर वोट देंगे। मेयर चुनाव में पार्टी किसी को वोट नहीं करेगी बल्कि विरोध करेगी। विरोध स्वरूप काला कुर्ता पहनकर सदन में जाएंगे।

चंडीगढ़ में कब कौन रहा मेयर 

  • मेयर                                            कार्यकाल
  • कमला शर्मा                23 दिसंबर 1996 से 22 दिसंबर 1997
  • ज्ञान चंद गुप्ता             23 दिसंबर 1997 से 12 दिसंबर 1998
  • केवल कृष्ण आदिवाल  23 दिसंबर 1998 से 22 दिसंबर 1999
  • शांता हित अभिलाषी    23 दिसंबर 1999 से  22 दिसंबर 2000
  • राज कुमार गोयल        23 दिसंबर 2000 से  21 जुलाई 2001
  • गुरचरण दास काला      22 जुलाई 2001 से 17 अगस्त 2001
  • हरजिंदर कौर            18 अगस्त 2001 से 22 दिसंबर 2001
  • ललित जोशी             01 जनवरी 2002 से 31 दिसंबर 2002
  • सुभाष चावला            01 जनवरी 2003 से 31 दिसंबर 2003
  • कमलेश                  01 जनवरी 2004 से 31 दिसंबर 2004
  • अनुचतरथ                01 जनवरी 2005 से 31 दिसंबर 2005
  • सुरिंदर सिंह              01 जनवरी 2006 से 31 दिसंबर 2006
  • हरजिंदर कौर             11 जनवरी 2007 से 31 दिसंबर 2007
  • प्रदीप छाबड़ा              01 जनवरी 2008 से 31 दिसंबर 2008
  • कमलेश                   01 दिसंबर 2009 से 31 दिसंबर 2009
  • अनुचतरथ                 01 जनवरी 2010 से 31 दिसंबर 2010
  • रविंदर पाल सिंह           01 जनवरी 2011 से 31 दिसंबर 2011
  • राजबाला मलिक           1 जनवरी 2012 से 31 दिसंबर 2012
  • सुभाष चावला            01 जनवरी 2013 से 31 दिसंबर 2013
  • हरफूल चंद्र कल्याण      01 जनवरी 2014 से 05 जनवरी 2015
  • पूनम शर्मा                06 जनवरी 2015 से 07 जनवरी 2016
  • अरुण सूद                 8 जनवरी 2016 से  31 दिसंबर 2016
  • आशा कुमारी जसवाल    12 जनवरी 2017 से 08 जनवरी 2018
  • देवेश मौदगिल            9 जनवरी 2018 से 18 जनवरी 2019
  • राजेश कालिया           18 जनवरी 2019 से आठ जनवरी 2020
  • राजबाला मलिक          आठ जनवरी 2020 से आठ जनवरी 2021
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