आप पहुंची हाईकोर्ट
वहीं आम आदमी पार्टी ने मेयर चुनाव को लेकर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। आप मेयर प्रत्याशी योगेश ढींगरा की तरफ से दायर याचिका में चुनाव आब्जर्वेशन में करवाने की मांग की गई है। इस याचिका पर आज सुनवाई होगी।
भाजपा ने मोरनी में डाला डेरा, पार्टी प्रभारी डटे
भाजपा के पार्षद इन दिनों शहर से बाहर मोरनी में बताए जा रहे हैं। पार्टी के एक पार्षद ने बताया कि मेयर प्रत्याशी सौरभ जोशी को लेकर कुछ पार्षदों में नाराजगी जरूर है लेकिन पार्टी नेतृत्व किसी भी तरह की चूक नहीं चाहता। हाथ उठाकर होने वाले मतदान के बावजूद भाजपा जोखिम उठाने के मूड में नहीं है। पार्टी प्रभारी विनोद तावड़े चंडीगढ़ में डटे हुए हैं और लगातार बैठकों के जरिए पार्षदों को एकजुट रखने की कोशिश कर रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि मतदान के समय विपक्ष के कुछ पार्षद भाजपा के पक्ष में हाथ उठा सकते हैं।
आप के कार्यक्रम से बढ़ा सस्पेंस, अटकलें तेज
आम आदमी पार्टी की गतिविधियों ने भी दिनभर सियासी हलचल बढ़ाए रखी। सेक्टर-22 में नगर निगम के पार्किंग कार्यक्रम के दौरान आप के पार्षद दमनप्रीत सिंह और अंजू कात्याल की मौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा को हवा दे दी। कार्यक्रम के मंच पर मेयर और भाजपा पार्षद हरप्रीत कौर बबला भी मौजूद थीं, जिससे पाला बदलने की अटकलें तेज हो गईं। कार्यक्रम समाप्त होते ही आम आदमी पार्टी के सह-प्रभारी एसएस आहलूवालिया वहां पहुंचे। इसके बाद चर्चाओं का दौर और तेज हो गया। आहलूवालिया ने साफ किया कि कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। वहीं पार्षद दमनप्रीत सिंह ने भी पार्टी छोड़ने की अटकलों को सिरे से खारिज किया। आहलूवालिया ने कांग्रेस के साथ किसी भी तरह के अंदरखाने गठबंधन से भी इन्कार किया।
कांग्रेस में लंबी बैठकें, समर्थन पर असमंजस
कांग्रेस खेमे में भी दिनभर मंथन चलता रहा। पार्टी अध्यक्ष एचएस लक्की के आवास पर कांग्रेस पार्षदों की बैठक देर रात तक चली। रात नौ बजे के बाद भी सभी पार्षद वहीं मौजूद रहे। बैठक में शामिल एक पार्षद ने बताया कि स्थिति काफी उलझी हुई है और आम आदमी पार्टी को समर्थन देने पर सहमति बनती नहीं दिख रही। हालांकि, कोई भी नेता खुलकर कुछ कहने को तैयार नहीं है।
यह है गणित
नगर निगम सदन में कुल 36 वोट हैं, जिनमें 35 पार्षदों और एक सांसद का वोट शामिल है। भाजपा के पास 18 पार्षद हैं, आम आदमी पार्टी के पास 11 और कांग्रेस के पास सात पार्षद हैं। कांग्रेस के खाते में सांसद का एक अतिरिक्त वोट भी है। इन आंकड़ों के आधार पर भाजपा स्पष्ट बढ़त में मानी जा रही है। यदि आप और कांग्रेस अलग-अलग वोट करते हैं तो भाजपा को किसी तरह की जोड़-तोड़ की जरूरत नहीं पड़ेगी लेकिन दोनों दलों के साथ आने की स्थिति में मुकाबला 18-18 की बराबरी पर पहुंच सकता है। ऐसे में भाजपा की कोशिश है कि कम से कम एक पार्षद को अपने पाले में कर बढ़त पक्की की जाए। हालांकि, आप से बगावत कर पार्षद रामचंद्र ने निर्दलीय डिप्टी मेयर के पद पर नामांकन भरा है।