जेलों में भी शिक्षा की लौ जलाई जा रही है। सजायाफ्ता कैदी इसके सहारे अंधेरे से उजियारे की ओर बढ़ रहे हैं। इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) जेल की चाहर दीवारी के भीतर यह अनोखी अलख जगा रही है।
शनिवार को आयोजित इग्नू केरीजनल सेंटर चंडीगढ़ के 28वें दीक्षांत समारोह में ऐसा ही उदाहरण देखने को मिला। समारोह में तीन कैदियों सहित 208 लोगों को डिग्री प्रदान की गई। इनमें दो कैदियों ने एमए इकोनोमिक्स और 1 ने एमए पोलिटिकल साइंस से पास किया है।
हालांकि कैदियों को सुरक्षा के मद्देनजर समारोह में नहीं लाया गया। चंडीगढ़ रीजनल सेंटर केतहत पटियाला, मॉडर्न जेल बुडैल और अंबाला जेल के सेंटर आते हैं। इन तीनों सेंटर में 677 कैदी हायर एजुकेशन ले रहे हैं। जिनमें 50 महिलाएं भी शामिल हैं।
कैदी पढ़ा रहे कैदी को
जेल में कैदी ही कैदी को पढ़ा रहे हैं। सीनियर रीजनल डायरेक्टर डा. डीबी नेगी ने बताया कि जेल में बंद अच्छे पढ़ लिखे कैदी दूसरों को पढ़ा रहे हैं। इनकी स्पेशल क्लासेज भी होती हैं।
इग्नू का स्टडी मैटीरियल सेल्फ लर्निंग मोड में होता है। जिससे खुद भी पढ़ा जा सकता है। डा. नेगी ने बताया कि इग्नू कैदियों को निशुल्क पूरी शिक्षा प्रदान करता है।