चंडीगढ़। शहर में बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए बीते दिनों प्रशासक के सलाहकार परिषद की परिवहन उप समिति की बैठक हुई थी। इसमें पंजाब-हरियाणा समेत अन्य राज्यों की गाड़ियों पर कंजेशन टैक्स लगाने की योजना बनाई गई थी। अब इसका विरोध शुरू हो गया है। पंजाब के विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने कहा है कि चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी है और यह टैक्स लगाकर भाजपा सरकार पंजाब के हक को छीनने की एक और कोशिश कर रही है।
सुखपाल सिंह खैरा ने ट्वीट कर कहा कि पंजाब के जो भी वाहन चंडीगढ़ में प्रवेश करेंगे, उन पर कंजेशन टैक्स लगाने की योजना है। यह पंजाब की राजधानी पर पंजाब के अधिकार को छीनने का एक और हमला है। खैरा ने कहा है कि यह टैक्स अव्यवहारिक है, क्योंकि पंजाब के लोगों को कई तरह के कार्यों के लिए चंडीगढ़ जाना पड़ता है। लोगों को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, चंडीगढ़ में पंजाब के विभिन्न सरकारी दफ्तरों आदि में कई काम पड़ते हैं इसलिए यह टैक्स नहीं लगाया जाना चाहिए। उन्होंने इस टैक्स के विचार को तुरंत खत्म करने की मांग की है। बता दें कि जिस बैठक में बाहरी गाड़ियों पर टैक्स लगाने की योजना बनाई गई, उसकी अध्यक्षता सांसद किरण खेर ने की थी। खेर प्रशासकीय सलाहकार परिषद की परिवहन उप समिति की चेयरमैन हैं।
उप समिति करेगी सिफारिश, प्रशासक लेंगे आखिरी फैसला
यूटी प्रशासक ने एक सलाहकार परिषद बनाया हुआ है, इसमें शहर के राजनेता, वरिष्ठ नागरिक, व्यापारी, उद्योगपति, पूर्व आईएएस-पीसीएस अधिकारी, पूर्व सेना के अधिकारी व अन्य लोग शामिल हैं। ये सभी साल के अंदर एक बैठक करते हैं और शहर की प्रमुख समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा करते हैं। प्रशासक ने परिषद के अंदर शहर की बेहतरी के लिए सुझाव देने को 10 उप समिति का गठन किया है। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, परिवहन, कानून व्यवस्था, समाज कल्याण समेत अन्य हैं। उप समितियों की तरफ से कुछ दिनों के अंतराल पर बैठक की जाती है और जो भी सुझाव होते हैं वो प्रशासक को दिए जाते हैं। उन पर आखिरी फैसला प्रशासक ही लेते हैं। इसी तरह परिवहन की उप समिति ने बीते दिनों शहर में ट्रैफिक को कम करने के साथ-साथ शहर में सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए बाहरी वाहन (जो शहर में पंजीकृत नहीं हैं) पर कंजेशन टैक्स लगाने के सुझाव पर चर्चा की थी।