बीते साल जुलाई में लॉन्च हुई यूटी की पहली इंडस्ट्रियल पॉलिसी में एमएसएमई (मीडियम, स्मॉल और माइक्रो इंटरप्रेन्योर) एक्ट के लिए कई सुविधाओं पर जोर दिया गया है।
इसके तहत उद्योगपतियों के लिए जहां ऑनलाइन वैट जमा कराने की सुविधा शुरू की गई, वहीं इंडस्ट्री शुरू करने के लिए ऑनलाइन प्रस्ताव भेजने की पहल की गई। इसके अलावा प्रशासन उद्योगपतियों के लिए जल्द ही सिंगल विंडो सिस्टम शुरू करने जा रहा है। इन दिनों इसका काम युद्ध स्तर पर चल रहा है।
वहीं इंडस्ट्रियल पॉलिसी को जहां इनवायरमेंटल फ्रेंडली बनाते हुए प्रशासन का प्रयास आईटी और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस किया गया है, वहीं उद्योग जगत के लिए कई सहूलियत देने की कोशिश की गई। इसके अलावा आईटी पार्क को नए सिरे से स्थापित करते हुए बड़ी आईटी कंपनियों को स्थापित करना है।
इससे स्थानीय युवाओं को भी रोजगार के अधिक अवसर मिल सकें। प्रशासन ने पॉलिसी में खास फोकस बिजनेस और रोजगार बढ़ाने के साथ ही शहर में ग्रीनरी बनाए रखना था।
एमएसएमई की कैटेगरी
- इंडस्ट्री: स्टील स्क्रू मैन्यूफेक्चर, वायर ड्राइंग्स, प्लास्टिक इंडस्ट्री, प्रिंटिंग और स्टेशनरी, फर्नीचर, स्टील फर्नीचर, फैब्रिक, एल्युमीनियम विंडो आदि।
- सर्विस: आईटी (हार्डवेयर), होटल, मोबाइल और टीवी सर्विस सेंटर आदि।
जल्द शुरू होगा सिंगल विंडो सिस्टम
एमएसएमई एक्ट वर्ष 2006 में आया था। इससे पहले स्मॉल स्केल इंडस्ट्री के तहत उद्योगपतियों को हर काम के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे। इसमें समय के साथ पैसे की भी बर्बादी होती थी। 2006 में एमएसएमई एक्ट आने के बाद काफी सहूलियत हुई। हालांकि प्रशासन ने उद्योगपतियों की सभी समस्याओं के निराकरण के लिए सिंगल विंडो सिस्टम शुरू करने का फैसला लिया था। जो अब तक शुरू नहीं हो सका है।
प्रशासन इस पर इन दिनों काम कर रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। इसके तहत कागजी कार्रवाई कम होगी और उद्योगपतियों को काम करवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
पॉलिसी में सभी तरह की मंजूरी के लिए कॉमन एप्लीकेशन फार्म होगा। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें किसी भी तरह की मंजूरी और समस्या को तय समय में पूरा किया जाएगा। डीसी की अगुवाई में मॉनिटरिंग सेल स्थापित होगा, जो सिंगल विंडो पर आने वाली शिकायतों पर निगरानी करेगा।
वैट फार्म हुआ ऑनलाइन
इंडस्ट्रियलिस्ट और एमएसएमई के लिए प्रशासन ने वैट फार्म भरने और जमा करवाने के लिए ऑनलाइन सुविधा शुरू कर दी है। इसके अलावा प्रशासन ने सेल्फ सर्टिफिकेशन की भी सुविधा शुरू की है।
इंडस्ट्री शुरू करनी है तो ऑनलाइन भेजें प्रस्ताव
प्रशासन की नई पहल के तहत अगर कोई लघु या मध्यम इंडस्ट्री लगाना चाहता है तो सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। वह प्रशासन को ऑनलाइन ही अपना प्रस्ताव भेज सकता है।
प्रशासन इस पर अधिकतम एक सप्ताह में जवाब देता है। वहीं अगर प्रस्ताव सही है, लेकिन कोई छोटी-मोटी खामी है तो प्रशासन इसमें सुधार बताकर इसे फिर से भेजने को कहता है।
ये हैं खास
- प्रदूषण रहित इंडस्ट्री को प्रमोट करना
- आईटी और नॉलेज बेस इंडस्ट्री को बढ़ावा
- ट्रेडिशनल इंडस्ट्री को बढ़ावा, प्रदूषण करने वाली को बैन करना
- लघु उद्योगों के लिए टूल रूम और उत्कृष्ट केंद्र की सुविधा मुहैया करवाना
- एमएसएमई के लिए बढ़ाई सुविधाएं
- माइक्रो और स्मॉल इंडस्ट्री की निगरानी के लिए एडवाइजरी कमेटी का गठन
- फिटिंग और हार्डवेयर इंडस्ट्री को बढ़ाना
- उद्योगपतियों की सभी समस्याओं के निराकरण के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू
- 24×7 घंटे बिजली सप्लाई
- इंडस्ट्रियल एरिया में बेहतर पार्किंग सुविधा
- निम्न कुशल उद्योग को उच्च कुशल उद्योग की ओर ले जाया गया
- इंडस्ट्रियल एडवाइजरी कमेटी स्थापित हुई, इसकी पहली मीटिंग कुछ दिनों पहले ही हुई