अब तक 1294 लोगों ने चंडीगढ़ में खरीदा है मकान
क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना के तहत अब तक शहर में 1294 लोगों ने मकान खरीदा है। केंद्र सरकार ने योजना के लिए चंडीगढ़ को पहले 4000 का लक्ष्य दिया था, जिसे फिर कम कर दिया गया। दरअसल, इस योजना के तहत जहां मकान खरीदा जाता है, उस व्यक्ति को उस राज्य व केंद्र शासित की योजना में गिना जाता है।
उदाहरण के तौर पर अगर कोई व्यक्ति चंडीगढ़ में रहता है और योजना के तहत चंडीगढ़ से ही लोन लेकर जीरकपुर या मोहाली में मकान खरीदता है तो वह पंजाब राज्य का लाभार्थी माना जाएगा, न कि चंडीगढ़ का। चंडीगढ़ में जमीन महंगी है, इसलिए सरकारी कर्मचारी भी जीरकपुर, मोहाली, पंचकूला, डेराबस्सी आदि में ही मकान खरीदते हैं। ऐसे में चंडीगढ़ ने यह मुद्दा केंद्र के सामने उठाया और फिर चंडीगढ़ के लक्ष्य को 1000 कर दिया गया है।
इन वर्ग को मिल रही है आर्थिक सहायता
- ईडब्ल्यूएस : पारिवारिक आय तीन लाख प्रतिवर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। यह छह लाख रुपये तक के 20 साल के लिए गए ऋण के लिए होगी।
- लो इनकम ग्रुप (एलआईजी): पारिवारिक आय तीन लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसमें भी 20 साल के लिए छह लाख रुपये तक के ऋण पर आर्थिक सहायता मिलेगी।
- मिडल इनकम ग्रुप (एमआईजी-1) : वार्षिक पारिवारिक आय छह से 12 लाख तक होनी चाहिए। इसमें 20 साल के लिए नौ लाख रुपये के ऋण पर 5.40 लाख रुपये तक ब्याज पर आर्थिक सहायता मिलेगी।
- मिडल इनकम ग्रुप (एमआईजी-2) : परिवार की वार्षिक आय 12 से 18 लाख रुपये तक होनी चाहिए। 20 साल के लिए 18 लाख रुपये तक के लोन पर 5.28 लाख रुपये के ब्याज पर आर्थिक सहायता का लाभ मिल जाएगा।
लाभार्थी विभिन्न वर्गों में ले सकते हैं ऋण
चंडीगढ़ में जमीन की काफी कमी है। इसलिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाकर नहीं दिए जाएंगे। हालांकि जिन्हें इस योजना का लाभ मिलना था, उन्हें विभिन्न कैटेगिरी में लोन की सुविधा दी जा रही है। इसके लिए जागरूकता शिविर भी लगाए गए हैं। केंद्र सरकार से चंडीगढ़ को एक हजार लोगों का लक्ष्य मिला था, हमने उस लक्ष्य को भी पूरा कर लिया है। - यशपाल गर्ग, सीईओ, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड