चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की बैठक में सेक्टर-53 में बनने वाले फ्लैट्स की स्कीम को रोकने का निर्णय लिया गया है। बोर्ड बैठक में इन फ्लैट्स के निर्माण और कीमतों पर काफी चर्चा हुई। कीमत अधिक होने के चलते खरीददार न मिलने की स्थिति और बोर्ड को होने वाले नुकसान पर भी मंथन किया गया। इस दौरान निर्णय लिया गया कि सेक्टर-53 में हाउसिंग स्कीम लाने से पहले वहां की डिमांड का सर्वे किया जाए, जिससे यह जानकारी हो सके कि स्कीम को लेकर लोगों में रुख क्या है।
बोर्ड मीटिंग सीएचबी चेयरमैन अजोए कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में हुई। शाम को शुरू हुई मीटिंग में कई एजेंडे रखे गए। इसमें बोर्ड टेक्निकल व नॉन टेक्निकल ग्रुप ए, बी, सी पोस्टों की भर्ती के लिए सहमति मिल गई है, वहीं वायलेशन की जानकारी 5 हजार रुपये देकर खरीददार कर सकता है। फैसले के अनुसार, जो व्यक्ति फ्लैट्स खरीदने से पहले फ्लैट्स में किसी वॉयलेशन की जानकारी चाहता है तो उसे पांच हजार रुपये बोर्ड में जमा करने होंगे।
बोर्ड की मीटिंग में सेक्टर-53 के ब्रोशर और स्कीम लांच करने का एजेंडा रखा गया लेकिन आलाधिकारियों ने पहले इस हाउसिंग स्कीम को लेकर डिमांड सर्वे कराए जाने का फैसला लिया है। क्योंकि स्कीम लांच हो जाने के बाद यदि फेल हो जाती है तो इसका ठीकरा आलाधिकारियों पर ही फूटेगा। वहीं अन्य एजेंडों में कई अपीलों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। स्कीम के तहत एचआईजी फ्लैट्स की कीमत सबसे अधिक 1.8 करोड़ रुपये होगी, जबकि बाकी के फ्लैट्स की भी पहले की स्कीम से अधिक रेट्स के हैं।