चंडीगढ़। सीएचबी रेजिडेंट्स वेलफेयर फेडरेशन ने आरोप लगाया है कि चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) जरूरत के मुताबिक बदलाव (नीड बेस चेंज) की अधूरी जानकारी दे रहा है। फेडरेशन के चेयरमैन निर्मल दत्त ने इसके खिलाफ सीएचबी के सचिव राधिका सिंह को पत्र लिखा है और दिल्ली जैसा समाधान करने की मांग की है।
निर्मल दत्त ने कहा कि मकानों में जरूरत के मुताबिक बदलाव पर दिल्ली जैसे समाधान को लेकर उन्होंने प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को एक मांग पत्र सौंपा था। इसके बाद प्रशासक ने अधिकारियों को इस पर विचार करने के निर्देश दिए थे। कार्रवाई करते हुए सीएचबी के सचिव ने फेडरेशन को एक पत्र जारी किया गया था, जिसमें कहा गया था कि इस मामले में अधिकारियों की उनके साथ नियमित बैठकें हुईं और एक कमेटी भी बनाई गई, जिसमें प्रशासन, सीएचबी के अधिकारियों के अलावा फेडरेशन को भी प्रतिनिधित्व दिया गया था। सभी से चर्चा के बाद 15 फरवरी 2019 को शहर में नीड बेस चेंज लागू कर दिया गया था। निर्मल दत्त ने कहा कि पत्र में अधूरी जानकारी देकर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास किया गया। पत्र में ये स्पष्ट नहीं किया गया कि रिपोर्ट में बायलॉज के राहत देकर 150 स्क्वेयर फुट कवर्ड एरिया की सिफारिश की गई थी जबकि उन्होंने बैठक में 100 प्रतिशत राहत देने की मांग की थी। उन्होंने बोर्ड से वार्षिक जुर्माना खत्म करके दिल्ली समाधान पर काम करने की मांग की है।