कोरोना संक्रमण को लेकर पीजीआई चंडीगढ़ बच्चों में सीरो सर्वे करने वाला देश का पहला चिकित्सा संस्थान होगा। 10 दिनों के अंदर पीजीआई के विशेषज्ञ बच्चों पर यह सर्वे शुरू कर देंगे। पीजीआई निदेशक प्रो. जगतराम ने बताया कि सर्वे में गांव, शहर और बस्ती में रहने वाले 2 से 18 साल तक के बच्चों को शामिल किया जाएगा। इस दौरान लगभग 2500 बच्चों के जांच के नमूने लिए जाएंगे।
प्रो. जगतराम ने बताया कि अलग-अलग क्षेत्र के बच्चों को सर्वे में शामिल करने का मुख्य उद्देश्य यह है कि इससे क्षेत्र विशेष में संक्रमण के स्तर की वास्तविक स्थिति पता चल सके। वहीं, इससे यह भी पता चलेगा कि अब तक कितने बच्चेे कोरोना संक्रमित मिले हैं और उनमें से कितनों में संक्रमण से बचाव के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हुई है।
प्रो. जगतराम ने बताया कि इस सर्वे के आधार पर तीसरी लहर में बच्चों के चपेट में आने की आशंका को ध्यान में रखते हुए सरकार नीति निर्धारित करेगी ताकि उस दौरान बचाव व राहत कार्य में परेशानी का सामना न करना पड़े। सर्वे जुलाई के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।
यह होता है सीरो सर्वे
सर्वे से यह पता लगाया जाएगा कि कितनी आबादी कोरोना से संक्रमित हुई है। कह सकते हैं कि कितने प्रतिशत लोगों में कोरोना के प्रति हर्ड इम्युनिटी विकसित हुई है।
सीरो सर्वे में किसी क्षेत्र में रहने वाले कई लोगों के खून के सीरम की जांच की जाती है। लोगों के शरीर में कोरोना वायरस से लड़ने वाले एंटीबॉडी की मौजूदगी के साथ ही यह पता चल जाता है कि कौन सा शख्स इस वायरस से संक्रमित था और फिलहाल ठीक हो चुका है।