चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने 2024 तक चंडीगढ़ को क्षय रोग (टीबी) मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। प्रशासक के सलाहकार, धर्मपाल ने मंगलवार को सभी संबंधित अधिकारियों को चंडीगढ़ से टीबी को खत्म करने का काम सौंपा। इसमें व्यापक दृष्टिकोण के साथ उपचार, संवेदीकरण और शिविरों का आयोजन शामिल है। स्वास्थ्य विभाग के राज्य टीबी सेल की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सलाहकार ने यूटी में टीबी से निपटने की दिशा में यह कदम उठाया।उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त चंडीगढ़ अभियान के तहत सभी संबंधित अधिकारी अपने क्षेत्रों में लोगों को टीबी रोग के बारे में जागरूक करें। प्रभावित व्यक्तियों की पहचान करने में विभाग की सहायता करें ताकि उनका शीघ्र उपचार सुनिश्चित किया जा सके। सभी टीबी के कारणों, लक्षणों और आसपास की उपचार सुविधाओं के बारे में जानकारी प्रसारित करने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में शिविरों, कार्यशालाओं, जागरूकता अभियान चलाएं और उसमें सक्रिय रूप से शामिल हों। बैठक में स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सुमन सिंह, राज्य टीबी अधिकारी डॉ. राजेश कुमार, डब्ल्यूएचओ सलाहकार डॉ. पूजा कपूर और रोटरी इंटरनेशनल, मिड टाउन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।