चंडीगढ़। हाउसिंग प्रोजेक्ट में आवश्यक अनुमति और मंजूरी के बिना उपभोक्ता से प्लॉट की बुकिंग राशि लेने के बाद कब्जा न देने पर उपभोक्ता आयोग ने शालीमार एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड पर 35 हजार रुपये हर्जाना लगाया है। आयोग ने 15 हजार रुपये केस खर्च देने के साथ प्लॉट की बुकिंग राशि 3,22,181.50 रुपये नौ प्रतिशत ब्याज दर सहित लौटाने के आदेश दिए हैं। आयोग में दायर जवाब में शालीमार एस्टेट ने कहा कि प्रोजेक्ट को लेकर मामला पहले पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय और अब शीर्ष न्यायालय में विचाराधीन है। वह शिकायतकर्ता को प्लॉट का कब्जा देने की स्थिति में नहीं हैं। बिल्डर ने आयोग से शिकायत को खारिज करने की मांग की।
दायर मामले के मुताबिक पंजाब के फरीदकोट की रहने वाली भूपिंदर कौर ने अपनी याचिका में बताया कि उन्होंने करीब 21 साल पहले 2001 में पंचकूला के नग्गल अलीपुर में शालीमार एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड के हाउसिंग प्रोजेक्ट में 3,22,181.50 रुपये का भुगतान कर एक प्लॉट बुक कराया था। बुकिंग अमाउंट देने के बाद बिल्डर ने प्लॉट पर कब्जा नहीं दिया। जब उन्होंने प्रोजेक्ट के बारे में पता किया तो पता चला कि बिल्डर ने प्रोजेक्ट को लेकर संबंधित विभाग से अनुमति और मंजूरी नहीं ली थी। बिल्डर ने प्रोजेक्ट के विकास कार्यों को भी पूरा नहीं किया। बिल्डर ने उन्हें न तो कब्जा दिया और न ही पैसे लौटाए।