ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में नगर निगम चंडीगढ़ को देश में पहला स्थान मिला है। इसके लिए 24 बिंदुओं को आधार बनाकर नंबर दिए गए हैं। बिजली मंत्रालय के ऊर्जा दक्षता ब्यूरो की ओर से यह पुरस्कार दिया गया है। निगम आयुक्त केके यादव ने बताया कि चंडीगढ़ ने वर्ष 2020 के लिए नेशनल एनर्जी कंजर्वेशन अवार्ड में आवेदन किया था।
चंडीगढ़ ने इसके लिए अपनी स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को दुरुस्त कर 48,524 जगह एलईडी लाइटें लगवाई थीं। इससे 13.02 मिलियन यूनिट ऊर्जा बचाई। साथ ही बिजली का बिल सालाना 14 करोड़ से घटकर 8 करोड़ हो गया है। यह सभी लाइट इको फ्रेंडली हैं। इसके अलावा निगम ने अपनी बिल्डिंग पर सोलर पैनल भी लगाया है। इससे आठ मेगावाट ऊर्जा संरक्षित होती है। साथ ही 2.35 करोड़ की बचत भी हुई। आगे रो वाटर टैंक पर भी सोलर पैनल लगाने का प्रस्ताव है जिससे 12 मेगा यूनिट की बचत होगी।
स्लम पुनर्वास कार्यक्रम में चंडीगढ़ देशभर में अव्वल
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड को स्लम पुनर्वास कार्यक्रम के लिए देशभर में पहला पहला स्थान हासिल हुआ है। आवास और शहरी विकास निगम (हुडको) की तरफ से बोर्ड को हाउसिंग, अर्बन पावर्टी एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर थीम पर यह रैंक मिली है। इस अवार्ड में एक लाख रुपये की राशि और सर्टिफिकेट सीएचबी को प्राप्त हुआ है। हुडको के रीजनल चीफ आकाश त्यागी की तरफ से चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर यशपाल गर्ग को यह सर्टिफिकेट सौंपा गया। इस मौके पर सीएचबी की सचिव रुचि सिंह और चीफ इंजीनियर राजीव सिंगला भी मौजूद रहे।