चंडीगढ़ की सबसे बड़ी फर्नीचर इंडस्ट्री की मुसीबतें भी कम नहीं। अपने बनाए गए फर्नीचर को उद्यमी यहां डिस्प्ले तक नहीं कर सकते हैं। डिस्प्ले करते ही प्रशासन नोटिस थमा देता है। यही कारण है कि चंडीगढ़ की करीब पचास यूनिट्स अब यहां से शिफ्ट हो चुकी हैं। हालांकि यह एशिया में फर्नीचर की बड़ी मार्केट मानी जाती है। यहां निकल और कॉपर का फर्नीचर ज्यादा तैयार होता है। इसमें किचन वेयर से लेकर माड्यूलर किचन तक तैयार किया जाता है।
प्रशासन के नोटिस बने परेशानी
चंडीगढ़ के फर्नीचर उद्यमी प्रशासन के भेजे जाने वाले नोटिस से परेशान हो चुके हैं। चाहे यह अपने प्रोडक्ट को डिस्प्ले कर लें या फिर अपने कैबिन में जरा सा बदलाव, उनको प्रशासन नोटिस भेज देता है। हालात ये हैं कि रोजाना फर्नीचर इंडस्ट्री को कोई न कोई नोटिस मिलता है।
स्पेस है, मगर उसका उपयोग नहीं कर सकते
वक्त के साथ फर्नीचर की डिमांड और सप्लाई में काफी अंतर आया है। पहले डिमांड कम थी और इस वजह सप्लाई आसानी से हो जाती थी। अब डिमांड बढ़ गई है और उसी के अनुसार फर्नीचर तैयार भी करना पड़ता है। समस्या यहीं से शुरू होती है, हमारे पास जगह है मगर हम उसका उपयोग भी नहीं कर सकते। इसी वजह से ज्यादातर इंडस्ट्री शिफ्ट होने लगी हैं। यदि हम अपने ऑफिस के भीतर कुछ चेंज करते हैं तो उसके लिए भी नोेटिस भेज दिए जाते हैं।
- शीशपाल गर्ग, अध्यक्ष, चंडीगढ़ फर्नीचर एसोसिएशन
लेबर के लिए जगह नहीं, बिल्डिंग बायलॉज भी सख्त
अब चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया में काम करने का माहौल नहीं रह गया है। हालात ये हैं कि यहां पानी तक ठीक से नहीं आता है। इतना ही नहीं, यहां पर यूटिलिटी सर्विस नहीं है, जिसकी वजह से कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। चंडीगढ़ में बिल्डिंग बायलॉज सख्त हैं, जिसकी वजह से अब यहां से काफी लोग शिफ्ट करने लगे हैं।
- सुनील बंसल, महासचिव, चंडीगढ़ फर्नीचर एसोसिएशन