चंडीगढ़ के एक दंत चिकित्सक से 50 लाख रुपये मांगने के मामले में एक और खुलासा हुआ है। सेक्टर-21 के दंत चिकित्सक डॉ. मोहित धवन ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में जिसके खिलाफ शिकायत की, पीएमओ ने उसी को मामले की जांच करने के लिए कह दिया। बाद में मामले की खुद ही जांच करने के बाद केस को बंद भी कर दिया गया।
डॉ. मोहित धवन ने पीएमओ को भेजी शिकायत में कहा कि उन्हें एक झूठे केस में फंसाकर शिकायतकर्ता महिला और पुलिस की तरफ से परेशान किया जा रहा है। उन्हें सीबीआई के पूर्व स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना और चंडीगढ़ के पूर्व डीजीपी तेजिंदर सिंह लूथरा का नाम लेकर डराया जा रहा है। आरोप लगाया कि मांगे गए पैसे नहीं देने की वजह से ही उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
गंभीर आरोपों की जांच के लिए पीएमओ ने मामले को चंडीगढ़ के तत्कालीन डीजीपी तेजिंदर सिंह लूथरा के पास भेज दिया। तत्कालीन डीजीपी तेजिंदर सिंह लूथरा ने अपने ही खिलाफ की गई शिकायत की जांच की और फिर सात दिन बाद डॉ. मोहित धवन को संबंधित एसएचओ से संपर्क करने की बात कह कर केस को बंद भी कर दिया गया।
डॉ. मोहित धवन ने कहा कि जिस व्यक्ति के खिलाफ केस किया गया हो, वही मामले की जांच कैसे कर सकता है। इसको लेकर उन्होंने पीएमओ को दोबारा भी लिखा।
मेडिकल बोर्ड की सलाह के बिना एफआईआर कैसे: डॉ. मोहित
दंत चिकित्सक डॉ. मोहित धवन के खिलाफ एक एनआरआई महिला ने ई-मेल के माध्यम से चिकित्सक जांच में लापरवाही बरतने की शिकायत की थी। डॉक्टर मोहित धवन ने पीएमओ को भेजी अपनी शिकायत में कहा कि वर्ष 2017 से उन्हें परेशान किया जा रहा है। उनके ऊपर एक कथित फर्जी एफआईआर दर्ज कर सीबीआई के पूर्व स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना और पूर्व डीजीपी चंडीगढ़ तेजिंदर सिंह लूथरा का नाम लेकर धमकी दी जा रही है।
इस मामले में उन्होंने शिकायत भी की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। यह सब कुछ उनसे पैसे ऐंठने के मकसद से किया जा रहा है। उन पर चिकित्सक लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है, जबकि जैकब मैथ्यू के केस में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि मेडिकल बोर्ड की सलाह के बाद ही किसी भी डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज की जा सकती है।
पुलिस पर डराने, धमकाने का लगाया आरोप
डॉक्टर मोहित धवन ने कहा कि पुलिस की तरफ से उन्हें डराने का काफी प्रयास किया गया। परेशान करने के लिए पुलिस की गाड़ी उनके घर के पास खड़ी रहती थी। पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से पहले ही समन भेजने शुरू कर दिए गए। समन में किसी तरह की जानकारी नहीं दी गई कि किस मामले में उन्हें बुलाया जा रहा है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने भी मामला विचाराधीन है। साथ ही क्रॉस एफआईआर के लिए जिला अदालत में भी सुनवाई चल रही है।
कई बड़े नाम शामिल, इसलिए जांच में हो रही देरी: डॉ. मोहित धवन
डॉ. मोहित धवन का कहना है कि इस मामले में कई बड़े नाम शामिल हैं, इसलिए पुलिस और सीबीआई भी सीधे जांच करने से कतरा रही है। मामले को लेकर अब विजिलेंस जांच करेगी, जिसके लिए चीफ विजिलेंस ऑफिसर और एडवाइजर मनोज परिदा को सीबीआई की तरफ से एक पत्र भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि मामला काफी बड़ा है, जबकि विजिलेंस एक दायरे में रहकर ही अपनी जांच कर सकती है। इस वजह से मामले की जांच सीबीआई से ही करानी चाहिए थी। फिर भी वे जांच में सहयोग करेंगे, इसके लिए उन्होंने विजिलेंस विभाग की तरफ से भेजे गए पत्र पर जवाब भी दे दिया है।