रेल यात्रियों के लिए एक जरूरी खबर है। दरअसल, रेलवे ने चंडीगढ़-नई दिल्ली शताब्दी को अब हर रविवार चलाने फैसला किया है। 22 मार्च को चंडीगढ़ से दिल्ली के बीच शताब्दी चलाई जाएगी। वहीं, 18 मार्च से शताब्दी बुधवार को बंद कर दी गई है।
रेल यात्रियों की मांग पर इसका प्रस्ताव नॉर्दर्न रेलवे दिल्ली ने अंबाला डिवीजन को भेजा था। इस पर मुहर लगाकर अंबाला डिवीजन ने प्रस्ताव नवंबर 2019 में हेड ऑफिस को भेज दिया था। अब यह फैसला लिया गया था कि शताब्दी बुधवार को बंद कर रविवार को चलाई जाएगी। इसे 18 मार्च से लागू कर दिया गया है।
बता दें कि यह शताब्दी सप्ताह में 6 दिन चलती है और इसका ज्यादा फायदा बिजनेस क्लास के लोगों को होता था, जो दिन में 12 बजे चंडीगढ़ से चलकर करीब 3 बजे दिल्ली पहुंचते हैं। इसके बाद वहां अपना काम निपटाकर शाम को 7.15 बजे फिर से करीब 10.45 बजे तक चंडीगढ़ पहुंच जाते हैं।
वीकेंड पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए लिया फैसला
वीकेंड के चलते शनिवार और रविवार को शताब्दी से आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। इधर, सुबह और शाम की कालका-नई दिल्ली शताब्दी में जगह नहीं मिलती है। रविवार को चंडीगढ़-नई दिल्ली शताब्दी चलाई नहीं जाती थी, जिसके चलते यात्रियों की परेशानी बढ़ जाती है। ऐसे में यात्रियों को बसों से दिल्ली जाना पड़ता है।
बुधवार को भी शताब्दी चलाने की मांग
यह फैसला सुनने के बाद ट्राइसिटी के लोगों की मांग है कि बुधवार को भी शताब्दी चलाई जाए, क्योंकि शताब्दी दिन में चंडीगढ़ से दिल्ली रोजाना जाती है। बुधवार को चंडीगढ़ और दिल्ली के बीच शताब्दी चलती है, तो उससे रेल यात्रियों को और ज्यादा सहूलियत मिलेगी। क्योंकि बिजनेस और नौकरीपेशा दिन में जाकर और वहां अपना काम निपटाकर दिल्ली से रात को शताब्दी से ही घर आना पसंद करते हैं।
सिर्फ शताब्दी के समय चलता है लगेज स्कैनर
अंबाला डिवीजन ने रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 की एंट्री पर ही लगेज स्कैनिंग मशीन लगाई थी। इसे ट्रायल बेस पर चलाया भी गया था, लेकिन अब सिर्फ शताब्दी के समय ही लगेज स्कैनर चलाया जाता है। वह भी एस्केलेटर की तरफ रखा गया है, जबकि इसे प्लेटफार्म नंबर वन के एंट्री गेट पर रखा जाना चाहिए।
बता दें कि रेलवे स्टेशन पर आने वाले हर यात्री को सुरक्षा के नजरिए से लगेज स्कैन कराने के लिए स्कैनर लगाया गया था। परंतु प्रॉपर ट्रेंड स्टाफ की कमी की वजह से स्कैनर पूरे दिन बंद पड़ा रहता है। इसके कंट्रोल की जिम्मेदारी आरपीएफ को दी गई थी। पिछले कई साल से रेलवे पुलिस फोर्स (आरपीएफ) लगेज स्कैनर की मांग कर रही थी।
इसके बाद रेलवे ने अंबाला डिवीजन को 6 लगेज स्कैनर मशीनें उपलब्ध कराई हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अभी आरपीएफ के पास स्कैनिंग मशीन ऑपरेट करने के लिए दो ही ट्रेंड मुलाजिम हैं, जबकि इसे सही तरीके से चलाने के लिए 8 मुलाजिमों की जरूरत है।