ऑफिस की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट चंडीगढ़ के डीसी अजीत बालाजी जोशी ने अपने 35 अधिकारी और कर्मी इधर उधर कर दिए। पहली बार डीसी ने अपने कार्यकाल में इतने लोगों का कार्यक्षेत्र बदला गया है।
खासकर एस्टेट ऑफिस में सालों से जमे अधिकारियों और बाबुओं को बदला गया है। सभी 9 सुपरिंटेंडेंट, 11 असिस्टेंट और सेक्शन अधिकारियों के विभाग बदल दिए गए हैं।
इसके अलावा ग्रुप-ए और बी के अधिकारियों और कर्मचारियों को बदला गया है। इन्फोर्समेंट, कॉलोनी ब्रांच, भू-अधिग्रहण विभाग, बिल्डिंग ब्रांच के अलावा अन्य ब्रांच में कर्मचारियों की अदला बदली हुई है।
डीसी ने भू-अधिग्रहण विभाग के अधिकारी राकेश मोहन को अपने निजी स्टाफ में लगाया है। इतना ही नहीं एसडीएम ऑफिस में भी उठा पटक हुई है।
पिछले काफी दिनों से डीसी सुपरिंटेंडेंट से लेकर निचले अधिकारियों की कार्यप्रणाली को परख रहे थे। इतना ही नहीं अपनी फाइलें निकलवाने केलिए भी असिस्टेंट को ही आना होता था।
सूत्रों के मुताबिक इस दौरान डीसी कार्यप्रणाली से नाखुश थे। जिसके बाद उन्होंने सभी के विभाग बदल दिए।
एस्टेट ऑफिस में बहुत से मामले लटके
एस्टेट ऑफिस से जुड़े मामलों की लगातार शिकायतें लेकर लोग डीसी के पास आते रहते हैं। कुछ लोगों के बेवजह चक्कर लगाना पड़ता है। डिजिटाइजेशन का काम भी तय समय में पूरा नहीं हो पाया। यह सब इतने बड़े स्तर पर अदला-बदली की वजह बताई जा रही है।
अफसरों, कर्मचारियों का ट्रांसफर नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। इसका उद्देश्य कार्यक्षमता को बढ़ाना है।
- अजीत बालाजी जोशी, डीसी