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दूसरे दिन भी धधकता रहा डंपिंग ग्राउंड, लोगों का बुरा हाल

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डड्डूमाजरा स्थित डंपिंग ग्राउंड में लगी आग को बुझाते फायर ब्रिगेड। संवाद - फोटो : CHANDIGARH
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चंडीगढ़। सेक्टर-25 स्थित कचरा निस्तारण प्लांट और डड्डूमाजरा स्थित डंपिंग ग्राउंड में लगी आग दूसरे दिन रविवार को भी धधकती रही। दमकल विभाग की आठ गाड़ियों से 100 से ज्यादा चक्कर लगाकर दोनों जगह पानी डाला जा चुका है, जबकि निगम के 24 टिप्परों से 1200 मीट्रिक टन मिट्टी डाली जा चुकी है लेकिन तेज हवा चलने के कारण बीच-बीच में आग की लपटें उठ रही हैं। स्थानीय लोगों का दूसरे दिन बुरा हाल था। मामले की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग के 6 ऑफिसरों की मौके पर रात-दिन की तैनाती की गई है।
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बता दें कि प्लांट और डंपिंग ग्राउंड में बुधवार दोपहर भीषण आग लग गई थी, जिस पर 24 घंटे से ज्यादा का समय बीतने के बावजूद काबू नहीं पाया जा सका है। दमकल विभाग के कंट्रोल रूम के प्रभारी लाल बहादुर ने बताया कि कल से लगातार गाड़ियों के चक्कर लग रहे हैं। 100 चक्कर तो शाम 4 बजे तक हो गए हैं। प्लांट की मशीनों को बचाने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं, क्योंकि प्लांट में पीछे की तरफ इतना सूखा कचरा इकट्ठा है कि वह बार-बार धधक जा रहा है। वहीं निगम ने टिप्परों से मिट्टी डलवाने का काम भी जारी है। इससे भी आग पर काबू पाने में मदद मिल रही है, लेकिन तेज हवाओं से आग फिर से उठ रही है। ऑफिसर की निगरानी में ज्यादातर कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया है।
कई लोगों ने गुरुद्वारे में बिताई रात, कहा-सांस लेना हुआ दूभर
स्थानीय लोगों ने बताया कि कूड़े के जलने से विषैला धुआं निकल रहा है, जिससे घर के अंदर भी सांस लेना मुश्किल हो गया है। ऐसे में कुछ लोगों ने तो सेक्टर-38 डी स्थित गुरुद्वारे में जाकर रात बिताई। बताया कि पिछले माह जब आग लगी थी और पांच दिनों तक नहीं बुझी थी, तब भी लोगों ने गुरुद्वारे में ही शरण ली थी। लोगों का कहना है हालात यही रहे तो रिश्तेदारों और अन्य जगह जाने को मजबूर होना पड़ेगा।
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तीन साल में 15 से ज्यादा बार लगी आग, नहीं हुई कोई जांच
पिछले तीन सालों में डंपिंग ग्राउंड में 15 से ज्यादा बार आग लग चुकी है। इसमें कुछ घटनाएं इतनी भयानक थीं कि पांच दिनों तक लोगों को मुसीबत झेलनी पड़ी थी, इसके बावजूद कभी कोई जांच नहीं की गई। बल्कि कूड़ा बीनने वालों व अन्य लोगों पर इसका आरोप लगाकर मामले में चुप्पी साध ली गई। ऐसे में लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं कि आग खुद लगी है या लगाई गई है? क्योंकि निगम कचरे का नया पहाड़ बनने से लगातार निशाने पर है।
उधर, कांग्रेस पार्षद सतीश कैंथ ने भी प्रशासक को पत्र लिखकर डंपिंग ग्राउंड में बार-बार आग लगने पर सवाल उठाया है और कहा है कि मामले की जांच क्यों नहीं होती। वहीं, कांग्रेस पार्षद गुरुबख्श रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्वीट कर कहा कि भाजपा के राज में चंडीगढ़ सुंदर शहर से सड़ते हुए कचरे का शहर बन गया है। वहीं आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम गर्ग भी मौके का जायजा लेने पहुंचे।
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क्या बोले स्थानीय लोग
आंखों में हो रही है जलन
धुएं के कारण कल से आंखों में जलन हो रही है। यह पहली बार नहीं। जब भी यहां आग लगती है, हमारी यही हालत होती है।
-राजेश कुमार, मकान नंबर-26
होने लगती है खुजली
डंपिंग ग्राउंड की ओर से हवा चलने से इस ओर दुर्गंध आती है। इससे शरीर में खुजली होने लगती है। वहीं आग लगने के बाद तो यह समस्या और बढ़ने लगती है।
-रेशम कौर, निवासी डड्डूमाजरा
सांस लेने में हो रही है समस्या
अस्थमा की मरीज हूं। जैसे ही कूड़े से उठने वाला धुआं घर की तरफ आता है, लगता है जान निकल जाएगी। सांस लेने में काफी समस्या होती है।
-शकुंतला देवी, निवासी डड्डूमाजरा
शरीर पर पड़ने लगे हैं दाग
इस कचरे से उठने वाला धुआं इतना खतरनाक है कि पूरे शरीर में निशान हो जाते हैं। एलर्जी के कारण चैन नहीं मिलता। आज सुबह ही दवा लेकर आना पड़ा है।
-सुरेंद्र कुमार, निवासी डड्डूमाजरा
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