चंडीगढ़। सेक्टर-37 में करोड़ों की कोठी कब्जाने के मामले में गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) को 50-50 हजार के दो ईनामी समेत पांच आरोपियों की तलाश है। सूत्रों की मानें तो एसआईटी को सेक्टर-11/ए निवासी आरोपी खलिंदर सिंह कादियान के ठिकाने के बारे में अहम सुराग मिला है। एसआईटी ने अब कादियान की धरपकड़ के लिए दबिश तेज कर दी है। अब जल्द ही उसकी गिरफ्तारी हो सकती है।
बीते दो मार्च को सेक्टर-37 में करोड़ों की कोठी को कब्जाने की एफआइआर दर्ज हुई थी। इसके बाद से कोठी में हिस्सेदारी रखने वाले खलिंदर सिंह कादियान, प्रॉपर्टी डीलर अशोक अरोड़ा, कोठी खरीदार सौरभ गुप्ता समेत आरोपी शेखर और दलजीत फरार हैं। एसआईटी की जांच में इन आरोपियों का मोबाइल कई बार बीच-बीच में ऑन-ऑफ होते मिले हैं। कई बार आरोपियों को एसआईटी की लोकेशन भी मिली। इसके बाद एसआईटी ने आरोपी खलिंदर सिंह कादियान की धरपकड़ के लिए बरेली (उत्तर प्रदेश) में छापा मारा था, लेकिन आरोपी एसआईटी को चकमा देकर फरार हो गया था। वहीं, एक बार फिर एसआईटी को खलिंदर के बारे में सुराग मिला है।
सूत्र बता रहे हैं कि जल्द ही उसकी गिरफ्तारी हो सकती है। बता दें कि दिसंबर 2020 को सेक्टर-37 के कोठी नंबर 340 के किराएदार प्रदीप रतन ने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह जिस कोठी में किराएदार है, उसे कुछ लोग कब्जाने की कोशिश कर रहे हैं। शिकायत में पत्रकार संजीव महाजन समेत कई आरोपियों के नाम थे। इसके बाद एसआईटी ने संजीव महाजन, सेक्टर-39 थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी राजदीप सिंह, डीएसपी के भाई सतपाल डागर और मनीष गुप्ता को गिरफ्तार किया था।