फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

करोड़ों की धोखाधड़ी मामले में तीन दिन के रिमांड पर अरविंद सिंगला

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। चचेरे भाई-भाभी से करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में सेक्टर-26 थाना पुलिस ने शराब कारोबारी अरविंद सिंगला का तीन दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अरविंद सिंगला ने कंपनी के खाते से 47 लाख के अलावा कई बार अपने अकाउंटेंट से कहकर रकम निकलवाई थी। पुलिस अब कंपनी से निकाले गए रकम का हिसाब लगा रही है। अरविंद पर दो फर्जी गवाह बनाकर अपने चचेरे भाई और भाभी का धोखे से हस्ताक्षर लेकर डूबी हुई कंपनी की पार्टनरशिप से खुद को बाहर बाहर करने का आरोप है ताकि वह कंपनी की तरफ से करोड़ों की देनदारी से बच सके।
विज्ञापन

वीरवार को अरविंद सिंगला को अदालत में पेश कर पुलिस ने आरोपी का दस दिन का रिमांड मांगा, लेकिन अदालत ने तीन के रिमांड को ही मंजूरी दी। इस दौरान पुलिस ने दलील दी कि उन्हें सिंगला से पूछताछ करनी है कि इस काम में किसने उनकी सहायता की और कैसे उन्होंने खुद को पार्टनरशिप से बाहर निकाला। इसके बाद अदालत ने तीन दिन के रिमांड की मंजूरी दी। मामले अब अगली सुनवाई 20 जून को होगी। इससे पहले पुलिस ने अरविंद सिंगला के सेक्टर-44 निवासी अकांउंटेंट विकास को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने बताया था वह करीब बीस साल से अरविंद का अकाउंटेंट है। उसका इस केस से कोई लेना देना नहीं है। उसने अरविंद सिंगला के कहने पर कंपनी के खाते से पैसे निकलवाए हैं। दूसरी तरफ, पुलिस की जांच में सामने आया था कि आरोपी कंपनी डूबने के बाद खाते को फ्रीज कर देते थे और उसमें जमा हुई रकम को तुरंत निकाल लिया जाता था। विकास को पुलिस ने आठ दिन के रिमांड पर जेल भेज दिया था।
बॉक्स
दो गवाहों की होनी है गिरफ्तारी
सेक्टर-17 में पार्टनरशिप डीड बनवाई गई थी, जिसमें स्टांप पेपर बनाने वाले समेत अन्य की भूमिका सामने आई थी। डीड में मोहाली निवासी तूेजिंदर सिंह और सेक्टर-67 रमनपुरी का गवाह के रूप में हस्ताक्षर भी था। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह इन दोनों आरोपियों को जानती नहीं थी, ऐसे में इन्होंने हस्ताक्षर कैसे कर दिया था। जिसके बाद पुलिस को अब इन दोनों आरोपियों की तलाश है। पुलिस का दावा है कि इन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विज्ञापन

बॉक्स
यह था मामला
पुलिस को दी शिकायत में अंबाला कैंट निवासी श्वेता सिंगला ने बताया था कि उनके पति दीपक सिंगला ने अपने सेक्टर 33 निवासी अपने चचेरे भाई अरविंद सिंगला के साथ अगस्त 2015 को बेल इंटरप्राइजेज नाम की एक कंपनी खोली थी। 60 प्रतिशत पार्टनरशिप अरविंद सिंगला जबकि 40 प्रतिशत हिस्सेदारी उनके पति की थी, लेकिन कुछ समय बाद कंपनी डूबने लगी। जून 2016 में दीपक को गोली लगी और वह मोहाली के अस्पताल में भर्ती रहे। आरोप था कि अरविंद सिंगला ने धोखे से श्वेता का हस्ताक्षर लेकर खुद को कंपनी से अलग कर लिया ताकि वह डूबती कंपनी में देनदारी से बच सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें