बीसीसीआई से मान्यता मिलने के बाद चंडीगढ़ के युवा क्रिकेर्ट्स गेंदबाजी और बल्लेबाजी, विकेट कीपिंग में अपना जलवा दिखा रहे हैं। लगभग 30 सालों के प्रयास के बाद यूटी क्रिकेट एसोसिएशन को बीसीसीआई से इसी वर्ष मान्यता मिली है। इसके बाद यूटीसीए ने बीसीसीआई के तहत चंडीगढ़ के विभिन्न वर्गों के लिए क्रिकेट टीमों को बनाया है, जिनमें महिला और पुरुष दोनों टीमें हैं। इनमें रणजी टीम भी शामिल है।
पहली हैट्रिक लेने वाले गेंदबाज है राज अंगद बावा
अंडर-19 टीम के बेहतरीन आलराउंडर राजअंगद बावा टूर्नामेंट की पहली हैट्रिक ली, वह बीसीसीआई से मान्यता मिलने के बाद यूटी क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से खेलते हुए चंडीगढ़ के लिए पहली हैट्रिक लेने वाले गेंदबाज बने। जीएमएसएसएस 26 क्रिकेट ग्राउंड पर नागलैंड के खिलाफ खेले जा रहे मैच में हैट्रिक ली। इस हैट्रिक के साथ ही बावा अब तक कूच बिहार ट्रॉफी में कुल 25 विकेट चटका चुके हैं। राजअंगद बावा जीएमएसएसएस सेक्टर-38 में 11वीं कक्षा के छात्र हैं।
23 मैचों में 21 विकेट चटका चुके हैं भागमेंद्र लादेर
मेघालय पर एक पारी और बीस रनों की जीत दर्ज कर कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी टूर्नामेंट में चंडीगढ़ को पहली जीत दिलाने में गेंदबाज भागमेंद्र लादेर का अहम रोल रहा। इस गेंदबाज ने 10 ओवर में मात्र 10 रन देकर मेघालय के 4 विकेट झटके। अपने पिछले मैच में बल्ले से भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 126 नाबाद रन की पारी खेल चुके हैं। अंडर-23 में अब तक 23 मैचों में 21 विकेट चटका चुके हैं। भागमेंद्र लादेर एसडी कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष के छात्र हैं।