पिछले साल के स्टडी टूर का विवाद थमा नहीं और नगर निगम फिर से इस टूर की तैयारी में जुट गया है। प्रशासन ने भी नए स्टडी टूर को मौखिक मंजूरी दे दी है।
अब मेयर की ओर से पार्षदों से पूछा जाएगा कि वे स्टडी टूर पर कहां जाना चाहते हैं? इसके बाद ही जगह तय की जाएगी। संभव है कि पार्षदों का दल जून में स्टडी टूर पर निकल जाएगा।
नए स्टडी टूर के लिए निगम के अधिकारी प्रस्ताव तैयार करने में जुट गए हैं। इस बार स्पष्ट निर्देश है कि उन खामियों को दूर किया जाए, जिनकी वजह से स्टडी टूर विवादों में रहा था। क्योंकि, अभी तक के अधिकतर स्टडी टूरों का शहर को कोई फायदा नहीं मिला है। नगर निगम ने चालू बजट सत्र के लिए जो बजट पास किया है, उसमें स्टडी टूर के लिए 50 लाख रुपये का प्रावाधान रखा गया है।
मालूम हो कि पिछले साल गए स्टडी टूर पर ही अकाली पार्षद मलकीयत सिंह की तबीयत खराब हुई थी और आखिरकार उनका निधन हो गया।
परिवार साथ ले जाने पर भी हुआ था विवाद
पिछले साल चेन्नई, कोलकाता और पोर्ट ब्लेयर की स्टडी टूर पर गए पार्षदों के साथ परिवार के 13 सदस्य भी साथ थे। इस टूर में कुल 39 लोग गए थे। भाजपा पार्षद अरुण सूद के रिश्तेदार को ही टूर ले जाने का काम सौंपा गया था और सूद पर अपने रिश्तदार को फेवर करने का भी आरोप लगा था। इन दोनों मुद्दों पर काफी विवाद हुआ था। इस टूर पर नगर निगम को अच्छा खासा खर्च आया, लेकिन शहर को इस टूर का कोई फायदा नहीं मिला। इसलिए शहर में यह चर्चा आम हो गई थी कि ऐसे टूर स्टडी के लिए नहीं, बल्कि मौज-मस्ती के लिए बनाए जाते हैं।
रिकवरी के लिए जल्द भेजेंगे नोटिस
पिछले साल स्टडी टूर पर परिवार के सदस्यों को साथ ले जाने वाले पार्षदों से नगर निगम नौ-नौ हजार रुपये रिकवरी करेगा। इसके लिए नोटिस भेजने की तैयारी कर ली गई है। परिवार के सदस्यों को साथ ले जाने वालों में मेयर और डिप्टी मेयर का नाम भी शामिल है। अगले सप्ताह तक इन 13 पार्षदों को नोटिस जारी कर दिया जाएगा।
सिर्फ नासिक टूर का मिला फायदा
दो साल पहले पार्षदों का स्टडी टूर नासिक गया था। इसके बाद इस साल निर्णय लिया गया कि लावारिस कुत्तों को एंटी रैबिज वैक्सीन लगाने और नसबंदी के लिए अभियान चलाया जाएगा। बहरहाल, प्रतिदिन 15 से 20 कुत्तों को टीके लगाए जा रहे हैं।
कोट्स..........
पार्षदों का स्टडी टूर जरूर जाएगा। टूर पर जाने से दूसरे राज्यों के नगर निगम द्वारा किए गए कार्यों को अध्ययन करने का मौका मिलता है, जिससे पार्षदों को नए आइडिया आते हैं। जल्द ही पार्षदों से च्वाइंस पूछी जाएगी। इस बार स्टडी टूर के लिए टूर एंड ट्रेवल कंपनियों से ई-टैंडरिंग के माध्यम से आवेदन मांगे जाएंगे, ताकि पिछले साल जैसा विवाद न हो।
- पूनम शर्मा, मेयर
किसी भी राज्य में चल रहे प्रोजेक्ट को स्टडी करने के लिए वहां जाने की जरूरत नहीं है। यह सब जानकारी इंटरनेट के माध्यम से शहर में बैठे ही मिल जाती है। अभी तक ऐसे टूरों पर डेढ़ करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च की जा चुकी है, लेकिन शहर को कितना फायदा मिला, यह सभी को पता है।
- सतिंद्र सिंह, भाजपा पार्षद