केंद्र सरकार की ओर से पहले चरण में दिए गए कोविड-19 अनुदान का पूरी तरह से इस्तेमाल करने में चंडीगढ़, महाराष्ट्र और दिल्ली विफल रहे। चंडीगढ़ और महाराष्ट्र का इस मामले में सबसे खराब प्रदर्शन रहा है। इन दोनों राज्यों ने कुल अनुदान में से आधे का भी इस्तेमाल नहीं किया। यह बात रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कही।
डॉ. हर्षवर्धन ने अपने साप्ताहिक संवाद में बताया कि भारत सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) के लिए 3,000 करोड़ रुपये जारी किए थे। इन तीनों राज्यों को छोड़कर लगभग सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए दिए गए अनुदान का इस्तेमाल किया है। महाराष्ट्र ने 42.5 प्रतिशत, चंडीगढ़ ने 47.8 प्रतिशत और दिल्ली ने 75.4 प्रतिशत अनुदान खर्च किया है।
डा. हर्षवर्धन पिछले कई सप्ताह से साप्ताहिक वेबिनार करते हैं। इस दौरान वे पूछे गए सवालों का जवाब देते हैं। केंद्र द्वारा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए उपलब्ध कराए गए धन के उपयोग के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने इस बात का खुलासा किया। इस मौके पर उनसे कोरोना वैक्सीन से संबंधित कई सवाल भी पूछे गए।
राज्यों ने बजट का ज्यादा हिस्सा निजी अस्पतालों की अदायगी, जागरूकता कार्यक्रम, अस्थायी तौर पर अस्पताल बनाने, अतिरिक्त एंबुलेंस और चिकित्सा उपकरण खरीदने के लिए खर्च किया, जबकि चंडीगढ़ के पास पहले से ही बेहतर व्यवस्था मौजूद थी। हम सरकार के पैसों को व्यर्थ नहीं करना चाहते थे। केंद्र सरकार की तरफ से मिला पैसा इस वजह से भी कम खर्च हुआ क्योंकि चंडीगढ़ के पास पर्याप्त मात्रा में दवाइयां, वेंटिलेटर, बेड और ऑक्सीजन उपलब्ध हैं। हमें इसके लिए ज्यादा पैसा खर्च नहीं करना पड़ा।
- मनोज परिदा, सलाहकार, चंडीगढ़ प्रशासक