चंडीगढ़ क्लब से जुड़े एक केस की सुनवाई 5 मार्च को होगा। मामला क्लब के पूर्व प्रेसिडेंट को चुनाव लड़ने से रोकने का है। संदीप साहनी एवं वकील अखिलेश कुमार सिन्हा को क्लब के प्रेसिडेंट पद पर चुनाव लड़ने से रोकने की मांग को लेकर दायर याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई।
इस दौरान प्रेसिडेंट पक्ष के उम्मीदवार की ओर से पक्ष रखा गया। उन्होंने कहा कि यह मामला कंपनी लॉ बोर्ड का है, जो अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। अदालत ने इनकी दलील को ठुकरा दिया। अब मामले में आगामी सुनवाई शनिवार को होगी।
सेक्टर-16 के पंकज छाबड़ा ने यह केस अपने वकील एसके सूद और राजेश सूद के जरिए दायर किया था। इसमें कोर्ट से मांग की गई है कि क्लब के चुनाव को लेकर गठित रिटर्र्निंग अफसर नीरज चौधरी को आदेश दिए जाएं कि दोनों का नॉमिनेशन पेपर रद्द करें।
क्लब के एक क्लॉज के बारे में जानकारी देते हुए याचिका में कहा गया है कि यदि कोई मेंबर क्लब मैनेजमेंट में दो टर्म या 3 सालों तक आफिस में रहता है तो वह उस आफिस के लिए अगले 2 सालों तक दोबारा चुनाव लड़ने के योग्य नहीं होता है। उसे मैनेजमेंट का आफिस छोड़ना होता है। गौरतलब है कि 7 मार्च के क्लब के चुनाव होने हैं।