मौली गांव में मंगलवार शाम को दो लावारिश सांड़ों ने लड़ते लड़ते दो महिलाओं (सास-बहू)को बुरी तरह घायल कर दिया। लोगों ने किसी तरह महिलाओं की सांड़ों से जान बचाई और पीसीआर की मदद से दोनों को अस्पताल पहुंचाया।
वृद्धा की गंभीर हालत को देखते हुए पीजीआई ले जाया गया था लेकिन डाक्टरों ने उसको वापस घर पर सेवा करने की हिदायत देते हुए वापस भेज दिया जबकि बहू का इलाज सेक्टर 16 जीएमएसएच में चल रहा है।
मौली गांव में पूर्व सरपंच व कांग्रेस अर्बन के उप प्रधान ठाकुर करतार सिंह ने बताया कि घटना मंगलवार शाम करीब सात बजे की है। गांव की केला रानी (80) अपनी बहू अपनी बहू शीला रानी (48) के साथ मौली कांप्लेक्स की सब्जी मंडी से वापस लौट रही थी। उस समय गांव के गुरुद्वारा के सामने दो सांड़ आपस में लड़ रहे थे।
अचानक वे दोनों महिलाओं पर टूट पड़े। दोनों साड़ों ने दोनों महिलाओं को दौड़ा-दौड़ा कर मारा। वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह दोनों को बचाया लेकिन तब तक सास-बहू बुरी तरह घायल हो चुकी थीं।
वहां मौजूद लोग पीसीआर की मदद से दोनों को सेक्टर 16 जीएमएसएच अस्पताल ले गए। वहां वृद्धा केला की गंभीर स्थिति को देखते हुए डाक्टरों ने उसे पीजीआई रेफर कर दिया। करतार सिंह ने बताया कि केला रानी की हालत को देखते हुए डाक्टरों ने घर ले जाने की सलाह दी। परिवार के सदस्य वृद्धा को घर पर ले आए हैं।
मौली के निवासी सहमे
मौली के सरपंच हरेंद्र ठाकुर ने बताया कि इस दर्दनाक घटना के बाद पूरा गांव सहमा हुआ है। उन्होंने कहा कि गांव में और आसपास के इलाके में सांड़ों के झुंड के झुंड घूमते रहते हैं। उनका आरोप है कि प्रशासन और नगर निगम के कर्मचारी लावारिश सांड़ों को पकड़ने की कोशिश भी नहीं करते हैं। ठाकुर करतार सिंह ने आरोप लगाया कि निगम के कर्मचारी सिर्फ दुधारू जानवरों को पकड़ क र ले जाते हैं। इसके कारण इलाके में लावारिश सांड़ घूमते रहते हैं।