भारत और पाकिस्तान के बीच शांति को बढ़ावा देने के लिए चंडीगढ़ के चार स्कूलों के 1000 से अधिक छात्र-छात्राएं बड़ी पहल कर रहे हैं। पाकिस्तान के विद्यार्थियों को ग्रीटिंग कार्ड भेजकर नए साल की शुभकामनाएं देंगे। नफरत व हिंसा को त्याग कर दोस्ती का संदेश देते ग्रीटिंग कार्ड शुक्रवार को पाकिस्तान के लाहौर और पेशावर में स्थित स्कूलों को भेजे गए हैं। ग्रीटिंग कार्ड भेजने वालों में दिल्ली पब्लिक स्कूल, कार्मल कॉन्वेंट स्कूल, सेंट स्टीफंस स्कूल और डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल (लाहौर), चंडीगढ़ शामिल हैं।
पाकिस्तान के पेशावर स्थित बचा खान ट्रस्ट एजुकेशनल फाउंडेशन और द सिटी एडगेट स्कूल लाहौर के बच्चे भारत के विद्यार्थियों को भी ग्रीटिंग कार्ड भेज रहे हैं। खूबसूरती से तैयार किए गए इन कार्ड पर कुछ बेहतरीन स्लोगंस लिखे हैं। इसमें मुख्य रूप से क्यों नफरत की कहानी को एक प्रेम कहानी में न बदल दिया जाए, गोलियां शांति नहीं ला सकतीं, शांति देशभक्ति है, युद्ध महंगा है, शांति अमूल्य है, बदले की भावना विश्व को अंधा बना सकती है, हम हमेशा भारत-पाकिस्तान मैत्री के लिए प्रार्थना करते हैं जैसे कई स्लोगन को शामिल किया गया है।
इस शांति प्रोजेक्ट की योजना भारत की एनजीओ युवसत्ता की ओर से जस्टिस एड एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन, इस्लामाबाद और पाकिस्तान में लाहौर स्थित एनजीओ अमन पुकार ने मिलकर बनाई है। इस मौके पर युवसत्ता के संयोजक प्रमोद शर्मा ने कहा कि दक्षिण एशिया के दो तनाव ग्रस्त देशों पाकिस्तान और भारत के बीच शांति और सामंजस्य को बढ़ावा देने की आज आवश्यकता बढ़ रही है। इसका सबसे अच्छा तरीका सीमा के दोनों तरफ रहने वाले लोगों के बीच भाईचारे और अपनेपन की भावनाओं का ज्यादा से ज्यादा प्रसार करना है।