चंडीगढ़। अब चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के स्वतंत्र मकानों में भी पेइंग गेस्ट (पीजी) रखे जा सकेंगे। सीएचबी ने अपने मकानों में बुधवार को यूटी प्रशासन की पीजी नीति को लागू कर दिया है। बोर्ड ने इसके लिए कई नियम व शर्तें भी तय की हैं। सेक्टर-32डी पीजी हत्याकांड के बाद ही यह नीति लाई गई है।
यूटी प्रशासक के सलाहकार और सीएचबी के चेयरमैन मनोज परिदा ने कहा कि पड़ोसी राज्यों से शहर में पढ़ने आने वाले छात्रों को इससे काफी फायदा होगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन खासकर छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित जगह प्रदान करने के लिए प्रयास कर रहा है। बोर्ड की तरफ से लागू की गई नीति के तहत पेइंग गेस्ट (पीजी) के लिए स्वतंत्र मकानों का एरिया साढ़े 7 मरले से कम नहीं होना चाहिए। पीजी की इजाजत सिर्फ उसी आवासीय संपत्ति में दी जाएगी, जो बिल्डिंग बायलॉज के तहत स्वीकृत हो और अवैध निर्माण न हो। पीजी के लिए कम से कम इस्तेमाल होने वाला एरिया 50 स्क्वायर फीट होना चाहिए। इसमें जन स्वास्थ्य विभाग के नियमों के तहत शौचालय होने चाहिए।
मकान मालिक का घर में रहना अनिवार्य, बनाना होगा रजिस्टर
पीजी पॉलिसी के अनुसार मकान मालिक का उस घर में रहना अनिवार्य होगा। साफ-सफाई का जिम्मेदार भी वही होगा। मकान मालिक को एक रजिस्टर बनाना होगा। इसमें पेइंग गेस्ट की जानकारी रखनी होगी और वह जानकारी पुलिस के साथ भी साझा करनी होगी। हाउसिंग बोर्ड के मकानों में पीजी शुरू करने वाले व्यक्ति को चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सेक्रेटरी के ऑफिस में खुद को पंजीकृत कराना होगा। इसके लिए उन्हें आवेदन फॉर्म भरना होगा, ताकि हाउसिंग बोर्ड प्रशासन को पीजी मालिक की जानकारी दे सके। जो भी लोग अपने घरों में नीति की इन शर्तों को पूरा करते हैं, वह बोर्ड के साथ अपने आप को पंजीकृत करवा सकते हैं। बोर्ड की वेबसाइट पर आवेदन फार्म, एफिडेविट और जरूरी दस्तावेजों का प्रारूप प्राप्त किया जा सकता है।
हर साल रिन्यू कराना होगा लाइसेंस
मकान मालिक को यह सुनिश्चित करना होगा कि घर को ऑफिस की तरह न बनाया जाए। घर एक साधारण आवासीय एरिया की तरफ ही होना चाहिए। साथ ही पीजी से आसपास रहने वाले लोगों की निजता पर कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए। पेइंग गेस्ट अपनी गाड़ी को मकान के अंदर ही खड़ी करेगा। मुख्य अग्निशमन अधिकारी से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट भी लेना अनिवार्य होगा। इसके अलावा हर साल पेइंग गेस्ट के लाइसेंस को रिन्यू कराना होगा। इसके अलावा पीजी में काम करने वाले कर्मचारियों की भी पुलिस से वेरिफिकेशन जरूरी है।