फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिवाली पर पीजीआई ने की खास तैयारी, सुरक्षित दिवाली के लिए एडवाइजरी की जारी

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। सुरक्षित दिवाली के लिए पीजीआई प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है। इसमें लोगों को सुरक्षित तरीके से दिवाली मनाने के तरीके बताने के साथ दुर्घटना की स्थिति में इलाज संबंधी व्यवस्था के बारे में बताया गया है। पटाखे चलाते समय लापरवाही से आंख और त्वचा को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। इसे देखते एडवांस आई सेंटर में 24 घंटे इलाज की सुविधा बहाल की गई है। वहीं प्लास्टिक सर्जरी विभाग को भी पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन

उधर, स्वास्थ्य विभाग ने भी सुरक्षित त्योहार मनाने के लिए पूरी व्यवस्था कर ली है। जीएमएसएच-16 समेत सेक्टर-45, 22 व मनीमाजरा के सिविल अस्पताल में दिवाली के दिन 24 घंटे इमरजेंसी सेवा संचालित की जाएगी। जीएमएसएच-16 में प्लास्टिक सर्जन अपनी टीम के साथ तैयार रहेंगे। वहीं, इमरजेंसी के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर
01722782457
01722752195
01722720104
पीजीआई की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर
एडवांस आई सेंटर 01722755252
पीडियाट्रिक इमरजेंसी 01722755607
मुख्य इमरजेंसी 01722755656
एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर 017227558587
ये सावधानी बरतें
- दीया, मोमबत्ती या पटाखे जलाते समय सिंथेटिक और ढीले कपड़े पहनने से बचें
- पटाखे और दीया जलाते समय हमेशा एक हाथ की दूरी पर खड़े हों
- केवल ग्रीन पटाखों का उपयोग करें
- पैरों को चोटिल होने से बचाने के लिए पटाखे को रेत या पानी की बाल्टी में फेंकें
- पटाखे फोड़ते समय जूते जरूर पहनें
- कभी भी ऐसे पटाखों को न उठाएं जो न फटे हों। इससे पटाखे हाथ में फट सकते हैं
- मामूली जलने पर जले हुए स्थान पर तब तक पर्याप्त मात्रा पानी डालें जब तक जलन बंद न हो जाए
- जले हुए स्थान पर कभी भी टूथपेस्ट या नीली स्याही न लगाएं
- अंगूठी या चूड़ियां तुरंत हटा दें क्योंकि बाद में सूजन आने पर इन्हें निकालना मुश्किल हो जाता है
- कपड़ों में आग लगने पर स्टॉप, ड्रॉप एंड रोल के नियम का पालन करें
- दौड़े नहीं, लेट जाएं, आग में ऑक्सीजन की मात्रा कम करने के लिए जमीन पर रोल करें।
- पटाखे फोड़ने के दौरान आसपास के क्षेत्र में पानी से भरी बाल्टी या आग बुझाने का यंत्र रखें
- आंख में चोट लगने पर आंख को रगड़ें नहीं बल्कि साफ पानी से धोएं और नेत्र विशेषज्ञ से सलाह लें
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें