शिमला ईडी के डिप्टी डायरेक्टर के पास धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) से संबंधित एक मामले की जांच चल रही थी। इसमें आरोपी पक्ष से डिप्टी डायरेक्टर की ओर से एक बिचौलिए के जरिए लाखों रुपये की मांग की गई थी, ताकि वह उन्हें केस में फायदा पहुंचा सकें। इस संबंध में उक्त पक्ष की ओर से चंडीगढ़ सीबीआई को लिखित शिकायत दे दी गई। मामला ईडी के डिप्टी डायरेक्टर से जुड़ा था, जिसके चलते मामले में आलाधिकारियों के दिशा-निर्देशानुसार जांच के लिए स्पेशल टीम गठित की गई। बाकायदा शिकायतकर्ता पक्ष व बिचौलिए के बीच में सीबीआई की ओर से एक मीटिंग भी करवाई गई, जिसमें उनके बीच पैसों के लेनदेन को लेकर फोन व रिकॉर्डर में रिकाॅर्डिंग भी करवाई गई। इस मामले की भनक डिप्टी डायरेक्टर को भी लग गई और वह बिचौलिए के साथ फरार हो गया। इस मामले में बीते सोमवार को ही चंडीगढ़ सीबीआई की ओर से भ्रष्टाचार सहित अन्य धाराओं के तहत केस भी दर्ज किया गया।
मंगलवार सुबह दी गई दबिश
सीबीआई की टीम ने मंगलवार सुबह ही शिमला के स्ट्रॉबरी हिल्स छोटा शिमला में ईडी के दफ्तर में रेड कर दी। रेड के बाद कार्यालय में मौजूद कर्मियों में से न तो किसी को बाहर जाने दिया गया और न ही किसी को अंदर आने दिया गया। मंगलवार को शुरू हुई रेड बुधवार देर शाम समाचार लिखे जाने तक जारी थी। मामले में सीबीआई से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है, लेकिन मामले के बारे में कोई भी जानकारी देने से मना कर दिया। हालांकि, डिप्टी डायरेक्टर की ओर से बिचौलिए के जरिये किस मामले में यह रिश्वत मांगी गई थी, इस बारे में भी अधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी गई है।
मेरठ-----कैलाश प्रकाश स्पोटर्स स्टेडियम में मेरठ महोत्सव के तहत वॉलीबाल प्रतियोगिता भ्डि़ते ि- फोटो : वीडियो ग्रैब