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चंडीगढ़ में नए एलपीजी कनेक्शन पर रोक: आम उपभोक्ताओं की दिक्कतें बढ़ीं, पांच किलो का सिलिंडर लेना हुआ आसान

Mon, 06 Apr 2026 02:39 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ प्रशासन ने कहा है कि जिन क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सुविधा उपलब्ध है वहां नए एलपीजी कनेक्शन नहीं दिए जाएंगे। इन इलाकों के उपभोक्ताओं को तीन महीने के भीतर पीएनजी पर स्विच करना अनिवार्य किया गया है।
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गैस सिलिंडर केलिए एजेंसी के बाहर खड़े लोग। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रसोई गैस की आपूर्ति पर बढ़ते दबाव के बीच चंडीगढ़ में नए घरेलू एलपीजी कनेक्शन पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। जमाखोरी पर अंकुश लगाने और सीमित आपूर्ति को संतुलित करने के लिए उठाए गए इस कदम ने आम उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालांकि, प्रवासी मजदूरों और छात्रों को राहत देने के लिए प्रशासन ने 5 किलो के छोटे सिलिंडर की उपलब्धता आसान कर दी है।
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पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण कच्चे तेल और गैस आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिसका सीधा प्रभाव शहर में देखने को मिल रहा है। गैस एजेंसियों के अनुसार, रोजाना 10 से अधिक लोग नए कनेक्शन के लिए पहुंच रहे हैं,लेकिन कंपनियों ने अपने सॉफ्टवेयर से ही नया कनेक्शन जारी करने का विकल्प बंद कर दिया है। ऐसे में एजेंसियां चाहकर भी कनेक्शन जारी नहीं कर पा रहीं।

उधर, चंडीगढ़ प्रशासन ने कहा है कि जिन क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सुविधा उपलब्ध है वहां नए एलपीजी कनेक्शन नहीं दिए जाएंगे। इन इलाकों के उपभोक्ताओं को तीन महीने के भीतर पीएनजी पर स्विच करना अनिवार्य किया गया है अन्यथा उनकी एलपीजी आपूर्ति बंद की जा सकती है।

उपभोक्ता भटक रहे, एजेंसियां बेबस

सेक्टर-37 की रेशमा ने बताया कि वह नया गैस कनेक्शन लेने के लिए एजेंसी पहुंचीं लेकिन उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि फिलहाल नए कनेक्शन जारी नहीं किए जा रहे हैं। वहीं सेक्टर-9 की एरिन ने बताया कि उनके पास पहले एक सिलिंडर था, जिसे वह किसी तरह भरवा लेती थीं लेकिन किल्लत बढ़ने के बाद जब वे आधार व अन्य दस्तावेज लेकर नया कनेक्शन लेने पहुंचीं तो एजेंसी ने कहा कि फिलहाल नए कनेक्शन बंद हैं। इनके अलावा कई उपभोक्ता गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। 
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गैस एजेंसियों का कहना है कि जब तक कंपनियां अनुमति नहीं देंगी तब तक नए कनेक्शन संभव नहीं हैं।

छोटू सिलिंडर बना सहारा

इस बीच प्रवासी मजदूरों और छात्रों के लिए 5 किलो के सिलिंडर को प्राथमिकता दी गई है। अब केवल वैध पहचान पत्र दिखाकर यह सिलिंडर लिया जा सकता है, स्थानीय पते की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। इसकी कीमत करीब 554 रुपये रखी गई है जिससे अस्थायी राहत मिल रही है।

गैस कंपनियों ने नए कनेक्शन देना पूरी तरह रोक दिया है। सॉफ्टवेयर में विकल्प ही नहीं है इसलिए एजेंसियां मजबूर हैं। छोटे सिलिंडर देने में प्रवासियों को प्राथमिकता दी जा रही है। -मनोज नांगिया, जनरल सेक्रेटरी, ऑल इंडिया डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन (एनडब्ल्यूआर)
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