केंद्र सरकार द्वारा 31 दिसंबर 2019 को स्वच्छता सर्वे परिणाम जारी किया गया और रैंकिंग में चंडीगढ़ इस बार फिर से पिछड़ गया है। इस बार की दूसरी तिमाही में नगर निगम को 27वां स्थान हासिल हुआ है। पहली तिमाही में नगर निगम को स्वच्छता रैंकिंग में 11वां स्थान हासिल हुआ था। वर्ष की स्वच्छता सर्वेक्षण रैंकिंग में चंडीगढ़ को 20वां स्थान हासिल हुआ था। वर्ष 2019 की पहली तिमाही अप्रैल से जून की रैंकिंग में 11वां स्थान आया था, जिसमें चंडीगढ़ को 1283.3 अंक मिले थे।
अब दूसरी तिमाही में 27वां स्थान हासिल हुआ है। इसमें कुल 1141.83 अंक मिले हैं। चंडीगढ़ की रैंकिंग सुधारने के लिए अब और चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। केंद्र सरकार की सर्वे टीम हर तीसरे महीने शहर में आकर सर्वे कर रही है। टीम की ओर से पहले अप्रैल से लेकर जून तक, फिर जुलाई से लेकर सितंबर और अक्तूबर से दिसंबर तक का सर्वे कर शहर की रैंकिंग तय की जाएगी।
जनवरी में होगा वार्षिक मूल्यांकन
इसके बाद जनवरी में वार्षिक मूल्यांकन किया जाएगा। इसी के आधार पर शहर को स्वच्छता रैंकिंग में अंक मिलेंगे और फाइनल रैंकिंग तय की जाएगी। त्रैमासिक रैंकिंग में मिले अंकों में से 25 प्रतिशत अंक फाइनल रैंकिंग के समय जुड़ेंगे। ऐसे में अगर त्रैमासिक रैंकिंग बेहतर नहीं हुई तो फाइनल रैंकिंग में पिछड़ना तय है। पहली तिमाही में 11वें स्थान पर रहे थे। अब दूसरी तिमाही का परिणाम आया है। पिछड़ने का कारण जेपी प्लांट में कचरे का प्रोसेस न होना है।
साथ ही जुलाई में गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट में हमारी गाड़ियों को वजन कराने के लिए रात के दो दो बजे तक खड़े रहना पड़ता था। इसके कारण रैंकिंग में कमी आई है। गारबेज प्रोसेसिंग के मार्क्स कम आए हैं। आगे हमारा सुधार होगा। इसकी तैयारी कर ली गई है।
- केके यादव, आईएएस, कमिश्नर नगर निगम चंडीगढ़।