चंडीगढ़ के एडवोकेट सतिंदर सिंह उन लोगों में शामिल थे जो 1992 में अयोध्या में कार सेवा के लिए गए थे। उन दिनों को याद करते हुए एडवोकेट सतिंदर सिंह ने बताया कि घर के लोग नहीं चाहते थे कि कार सेवा के लिए अयोध्या जाए। घर में विरोध था।
उस वक्त मैं बीए की पढ़ाई कर रहा था, लेकिन बिना बताए ही संगठन के अन्य सदस्यों के साथ कार सेवा के लिए अयोध्या चला गया। अयोध्या जाने के बाद संघ के कई पदाधिकारी मेरे घर पर सूचना देने के लिए पहुंचे। संघ के तत्कालीन प्रचार मंत्री नंद जी ने मेरी माता से कहा आपका बेटा अयोध्या गया है। कुछ भी हो सकता है। इस पर मेरी मां ने कहा था कि वह मुझसे झूठ बोलकर अयोध्या गया है। मेरे बेटे को कुछ नहीं होगा। वह सही सलामत वापस आएगा।
घर में बिना बताए गए थे अयोध्या
सतिंदर सिंह ने बताया कि वह 27 नवंबर 1992 को अयोध्या पहुंचे थे और 10 दिसंबर को चंडीगढ़ लौटे। वह ट्रेन की जनरल बोगी में बैठकर गए थे। खास बात यह थी कि उनके साथ जो लोग भी गए वे अपने घरों में बिना बताए ही गए थे। छह दिसंबर को विवादित ढांचा गिरने के बाद वहां पर कार सेवा की। वहां पर बिखरे पत्थर और मिट्टी को हटाया। वहां 24 घंटे कार सेवा में जुटे रहे। जब पता चला कि आर्मी आ रही है तो रास्ते में पेड़ भी गिरा दिए थे।
दोस्तों के घरों में रहते थे
अयोध्या जितने दिन रहा वहीं सरयू नदी में स्नान किया। वहीं पर शाखा लगाया करते थे। ढांचा ढहाने के बाद जो भी वापस ट्रेन में आ रहे थे उन पर कई जगहों पर पथराव भी हुआ था। उस समय वह बजरंग दल के प्रखंड संयोजक थे। वहां पर राममय माहौल था। ढांचा गिराए जाने के बाद जब संघ व अन्य संगठनों पर प्रतिबंध लगा तो काफी दिनों तक भूमिगत रहना पड़ा, ताकि गिरफ्तार न हों। दोस्तों के घरों में रहते थे।
22 को सार्वजनिक अवकाश करने की मांग
अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा समिति के राष्ट्रीय महासचिव अशोक तिवारी ने चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित से अपील की है कि हिंदू धर्म के लिए अयोध्या में रामलला की मंदिर में होने वाली स्थापना एक अलौकिक और आस्था से जुड़ा हुआ मुद्दा है। हर कोई चाहता है कि वह इस अलौकिक अवसर का गवाह बने। इसलिए उन्होंने 22 जनवरी को प्रदेश भर में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की है, ताकि किसी तरह की रोक-टोक के बगैर सभी लोग परोक्ष रूप से इस आयोजन में शामिल हो सकें और अपने को धन्य मान सकें।
अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा समिति ने मांग की है कि राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर चंडीगढ़ में सरकारी अवकाश किया जाए, स्कूल की छुट्टियां की जाएं और मांस, मदिरा, बीड़ी सिगरेट की दुकान बंद की जाए। तिवारी ने कहा कि श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। अशोक तिवारी ने पंजाब सरकार एवं हरियाणा सरकार से भी मांग की है कि 22 तारीख को छुट्टी की अधिसूचना जारी की जाए।